अजित पवार की सलाह पर सीनियर पवार ने कसा तंज, कहा- न टायर्ड हूं, न रिटायर्ड हूं, बागियों को किया जाएगा अयोग्य

अपने भतीजे अजित पवार के सक्रिय राजनीति से सेवानिवृत्त के सुझाव पर तंज कसते हुए कहा कि वो न तो थके हैं और न ही मुश्किल घड़ी में रुकना जानते हैं. शरद पवार ने साफ कर दिया है कि सभी बागियों को एनसीपी (NCP) से अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा.

NCP Political Crisis: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार अपनी जिंदगी की सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं. उनकी पार्टी एनसीपी टूट के कगार पर है. अपने भतीजे और एनसीपी नेता अजित पवार की बगावत के बाद उन्हें अपनी ही पार्टी पर कब्जे के लिए लिए लड़ाई लड़नी पड़ रही है. जाहिर है भतीजे अजित पवार की बगावत के बाद पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने एनसीपी से कन्नी काट ली है, और शिंदे सरकार में शामिल भी हो गई है.

इस बीच एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने साफ कर दिया है कि वो न तो थके हैं और न ही मुश्किल घड़ी में रुकना जानते हैं. इसी कड़ी में एनसीपी चीफ शरद पवार ने साफ कर दिया है कि सभी बागियों को एनसीपी (NCP) से अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा.

अजित पवार के सुझाव पर शरद ने दिया यह जवाब
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार ने पार्टी से बगावत करने वाले अपने भतीजे अजित पवार के सक्रिय राजनीति से सेवानिवृत्त के सुझाव पर तंज कसते हुए कहा कि वह काम करते रहेंगे. उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता उन्हें काम करते हुए देखना चाहते हैं. अजित की इस टिप्पणी पर कि 83 साल की आयु में उनके चाचा को अब सेवानिवृत्त हो जाना चाहिए, शरद पवार ने कहा, क्या आप जानते हैं कि मोरारजी देसाई किस उम्र में प्रधानमंत्री बने थे? मैं प्रधानमंत्री या मंत्री नहीं बनना चाहता, केवल लोगों की सेवा करना चाहता हूं.

शरद पवार ने कहा कि वह अभी बूढ़े नहीं हुए हैं. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के शब्दों को दोहराते हुए कहा, न टायर्ड हूं, न रिटायर्ड हूं. शरद पवार ने कहा कि वे कौन होते हैं मुझे सेवानिवृत्त होने की सलाह देने वाले. मैं अब भी काम कर सकता हूं.

अजित पवार ने लगाया था यह आरोप
बता दें एनसीपी के बागी नेता अजित पवार ने आरोप लगाते हुए कहा था कि एनसीपी से उन्हें दरकिनार कर दिया गया था, क्योंकि वह एनसीपी चीफ के बेटे नहीं थे. इसी सिलसिले में परिवार में उत्तराधिकारी की लड़ाई पर एक सवाल के जवाब में शरद पवार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि वो इस विषय पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता हैं. उन्होंने साफ कर दिया था कि अजित को मंत्री और उपमुख्यमंत्री बनाया गया था, लेकिन उनकी बेटी सुप्रिया सुले को कोई मंत्री पद नहीं दिया गया था, जबकि ऐसा किया जा सकता था.
भाषा इनपुट के साथ

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