अब GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार ने दिया इस्तीफा, CM योगी पर अविमुक्तेश्वरानंद की टिप्पणी से थे आहत

Shankaracharya Controversy: उत्तर प्रदेश में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और यूजीसी मुद्दे पर इस्तीफा का दौर जारी है. बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के अपने पद से इस्तीफा देने के अगले ही दिन मंगलवार को अयोध्या में जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि प्रशांत कुमार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में अपना इस्तीफा दिया है.

Shankaracharya Controversy: अपने इस्तीफे पर अयोध्या के GST कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने कहा, सरकार के समर्थन में और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का विरोध करने के लिए मैंने इस्तीफा दिया है. पिछले 2 दिनों से मैं हमारे CM और PM पर उनके बेबुनियाद आरोपों से बहुत दुखी था. जिस सरकार से मुझे सैलरी मिलती है, उसके प्रति मेरी कुछ नैतिक जिम्मेदारियां हैं. जब मैंने देखा कि मेरे CM और PM का अपमान किया जा रहा है, तो मैंने अपना इस्तीफा गवर्नर को भेज दिया.

आदित्यनाथ पर की गई टिप्पणी से आहत हूं : प्रशांत कुमार सिंह

अयोध्या में GST के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने अपने इस्तीफा पत्र में लिखा- सीएम योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य द्वारा किए गए अभद्र टिप्पणी से मैं आहत हूं. उन्होंने कहा- राज्य का साधारण कर्मचारी हूं और सरकार से हमें आजीविका प्राप्त है, जिससे मेरा घर-परिवार चलता है. इसलिए राज्य के मुखिया के खिलाफ जो अनर्गल प्रलाप होता है तो यूपी के कर्मचारी नियमावली का पालन करते हुए उसका विरोध किया जाए. उन्होंने राज्यपाल को संबोधित करते हुए लिखा- मैं सीएम योगी के खिलाफ अविमुक्तेश्वरानंद की अभद्र टिप्पणी को राज्य, संविधान और लोकतंत्र के विरुद्ध मानता हूं. ऐसी स्थिति में योगी सरकार के समर्थन और अविमुक्तेश्वरानंद के विरोध में अपना इस्तीफा दे रहा हूं.

अविमुक्तेश्वरानंद पर लगाया गंभीर आरोप

GST के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने इस्तीफा देते हुए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने कहा- अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा समाज में जातिवाद का जहर घोला जा रहा है. देश-विदेश को अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है.

पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के समर्थन में इस्तीफा

GST के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भी जिक्र किया. उन्होंने लिखा- लोकतांत्रिक पद्धति से चुने गए प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध कोई अपमानजनक टिप्पणी होगी तो मन आहत होगा.

रोते हुए पत्नी को बताया- अपने पद से दे रहा हूं इस्तीफा

अयोध्या में जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने इस्तीफा देने से पहले अपनी पत्नी को फोन किया. फोन पर रोते हुए प्रशांत कुमार ने अपनी पत्नी को बताया- सीएम योगी के समर्थन में मैंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. रोते हुए उन्होंने कहा- मैं पिछले दो दिनों से रात में नहीं सोया. मैं सीएम के खिलाफ की गई टिप्पणी से आहत था.

अविमुक्तेश्वरानंद ने सीएम योगी पर क्या टिप्पणी की थी

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कालनेमि बताया था. दरअसल योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा था- एक योगी के लिए धर्म और राष्ट्र के बढ़कर कुछ नहीं है. उसकी व्यक्तिगत संपत्ति कुछ नहीं होता, धर्म ही उसकी संपत्ति है. उन्होंने आगे कहा- ऐसे तमाम कालनेमि होंगे, जो धर्म की आड़ में सनातन धर्म को कमजोर करने की साजिश रच रहे होंगे, हमें उनसे सावधान रहना होगा.

क्या है अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का मामला?

प्रयागराज में मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके अनुयायियों को स्नान करने से पुलिस ने रोक दिया था. जिसके बाद उनके और मेला प्रशासन के बीच ठन गई है. मेलाधिकारी का कहना है कि बैरिकेडिंग तोड़कर वे लोग संगम नोज पर आ गये, ऐसे में भगदड़ की स्थिति से बचने के लिए प्रशासन ने यह कदम उठाया. दूसरी ओर अविमुक्तेश्वरानंद ने उनके और उनके अनुयायियों के साथ मारपीट का आरोप लगाया है. अब यह मामला उनके शंकराचार्य पद की मान्यता तक पहुंच चुकी है. मेला प्रशासन की ओर से उन्हें नोटिस भी जारी की गई है. मेला प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को नोटिस जारी कहा था कि दिवानी अपील पर उच्चतम न्यायालय ने आदेश दिया था कि जब तक अपील निस्तारित नहीं हो जाती, तब तक कोई भी धर्माचार्य ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य के रूप में पट्टाभिषेकित नहीं हो सकता.

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लेखक के बारे में

Published by: ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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