MCD और गुजरात में कौन जीत रहा है ? श्रद्धा के 35 टुकड़े करने वाला आफताब जेल में जानना चाह रहा है ये

श्रद्धा हत्याकांड मामले की जांच जारी है और कई तरह की बातें इससे जुड़ी सामने आ रही है. लेकिन इस बीच जो बड़ा सवाल उठ रहा है, वो ये है कि क्या आरोपी आफताब को राजनीति में रुचि है. जानें क्या है पूरा मामला

श्रद्धा हत्याकांड के आरोपी आफताब को क्या राजनीति में रुचि है. ये सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि वह गुजरात और एमसीडी में हुए चुनाव के बारे में जानना चाहता है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार तिहाड़ जेल में बंद आफताब ने गुजरात विधानसभा और एमसीडी चुनावों में रुचि दिखायी और सेल के बाहर तैनात सुरक्षा गार्डों से इस संबंध में जानकारी मांगी.

मीडिया में जो खबरें चल रहीं हैं, उसके अनुसार श्रद्धा मर्डर केस का आरोपी आफताब सुरक्षाकर्मियों से चुनाव को लेकर चर्चा करता है. वह चुनाव के बारे में पुलिस अधिकारियों से भी सवाल करता है. इस बात को वह जानता है कि वह जेल में हत्याकांड को लेकर बंद है इसके बावजूद वो नॉर्मल लाइफ जी रहा है. वह चर्चा करता रहता है कि इस बार चुनाव के बाद गुजरात और एमसीडी में किसकी सरकार बन रही है और कौन जीत रहा है.

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आरी को दफ्तर के पास झाड़ियों में फेंका

आपको बता दें कि श्रद्धा वालकर हत्या मामले की जांच जारी है. आरोपी आफताब अमीन पूनावाला ने अपनी ‘पॉलीग्राफ’ व ‘नार्को’ जांच और पुलिस पूछताछ के दौरान समान जवाब दिये. इस संबंध में पुलिस सूत्रों ने पिछले दिनों बताया था कि, नार्को जांच के दौरान, पूनावाला ने जांचकर्ताओं को बताया कि उसने श्रद्धा वालकर के शव के टुकड़े करने के लिए एक छुरे का भी इस्तेमाल किया था और उसने आरी को गुड़गांव में अपने दफ्तर के पास झाड़ियों में कहीं फेंक दिया था. सूत्रों ने कहा कि पूनावाला ने बताया कि उसने श्रद्धा का सिर महरौली के जंगली इलाकों में और मोबाइल फोन मुंबई में समुद्र में फेंक दिया. 14 दिन की पुलिस हिरासत के दौरान पूनावाला का बयान उसकी ‘पॉलीग्राफ’ व ‘नार्को’ जांच के दौरान पूछे गये सवालों के जवाब के समान है.

गला दबाकर हत्या

यहां चर्चा कर दें कि आफताब ने अपनी लिव इन पार्टनर श्रद्धा वालकर (27) की मई में कथित तौर पर गला दबाकर हत्या कर दी थी. हत्याक करने के बाद उसके शव के 35 टुकड़े कर दिये थे और उन्हें करीब तीन सप्ताह तक दक्षिण दिल्ली के महरौली में अपने घर में 300 लीटर के फ्रिज में रखा था. यही नहीं आरोपी आफताब ने शरीर के अंग को कई दिनों तक शहर के अलग-अलग हिस्सों में फेंका था.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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