Video : दिल्ली में इमारत गिरी, प्रत्यक्षदर्शी बोला- लगा जैसे भूकंप आ गया हो, मेरा दोस्त मलबे में फंसा है

Video : दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरते ही चारों ओर अफरा-तफरी मच गई. लेकिन मदद के लिए कोई इंतजार नहीं करता दिखा. स्थानीय लोग और प्रत्यक्षदर्शी तुरंत मलबे की ओर दौड़ पड़े. देखें प्रत्यक्षदर्शी ने क्या कहा?

Video : दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने के बाद मौके पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने हादसे का खौफनाक मंजर बताया. उसने कहा कि इमारत गिरने से पहले पूरा इलाका इस तरह हिलने लगा, जैसे किसी बड़े भूकंप का केंद्र यहीं हो. लोगों को लगा कि भूकंप आया है. जब वे चौक की ओर गए और बालकनी से देखा तो चारों तरफ धूल और मलबे का गुबार छाया हुआ था. तभी पता चला कि पास की एक इमारत भरभराकर गिर गई है.

प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, यह लड़कों का पीजी था. उसका दोस्त नीरज भी इसी इमारत में रहता है और अभी मलबे के नीचे फंसा हुआ है. नीरज जम्मू का रहने वाला है. उसने बताया कि उसके दूसरे दोस्त भी वहां रो रहे हैं. स्थानीय लोगों ने बचाव दल के पहुंचने से पहले खुद मलबा हटाना शुरू कर दिया था. लोगों ने एक घायल व्यक्ति को बाहर निकाला, जिसकी बांह से खून बह रहा था. इसके बाद बचाव दल ने मोर्चा संभाल लिया.


ये भी पढ़ें: Video : दिल्ली में इमारत गिरते ही मची चीख-पुकार, मलबे से निकला जिंदा शख्स

प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि पास की दूसरी इमारत में उत्तर-पूर्वी राज्यों की छात्राएं रहती हैं. उसकी निचली सहारा देने वाली दीवार भी ढह गई है. ऐसे में आसपास की इमारतों के भी गिरने का खतरा बना हुआ है. उसने कहा कि दूर-दराज से पढ़ने आए छात्रों की जान खराब निर्माण व्यवस्था के कारण खतरे में पड़ना बेहद दुखद है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अमिताभ कुमार

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है. 📩 संपर्क : amitabh.kumar@prabhatkhabar.in

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >