Aam Aadmi Party: आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा के सेक्रेटरी जनरल को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि राज्यसभा के रिकॉर्ड में कथित तौर पर बिना इजाजत AAP की पोजीशन बदली गई है. उन्होंने इस पर तुरंत स्पष्टीकरण मांगा है. साथ ही पूरे मामले की जांच करने की मांग की है. उन्होंने जल्द से जल्द लिखित जवाब देने और उन सभी आदेश, निर्देश या दस्तावेजों की कॉपी देने को कहा है, जिनके आधार पर यह बदलाव किया गया. आम आदमी पार्टी के सांसद ने दावा किया है कि सदन नेता के रूप में राज्यसभा सचिवालय ने उनसे कोई सूचना नहीं दी.
राज्यसभा में बदली राजनीतिक तस्वीर
राज्यसभा में बीजेपी सांसदों की संख्या 113 पहुंचने के बाद यह मामला सामने आया है. राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने राघव चड्ढा और छह अन्य सांसदों के आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में विलय को मंजूरी दे दी. अपने दो-तिहाई सांसदों के चले जाने से आम आदमी पार्टी को बड़ा नुकसान हुआ है. अब राज्यसभा में पार्टी के सिर्फ तीन सदस्य ही बचे हैं. राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत सिंह साहनी और स्वाति मालीवाल ने आप छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया.
बोले संजय सिंह …तो हम सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे
आम आदमी पार्टी बागी सांसदों को इतनी आसानी के छोड़ देने के मूड में नहीं है. पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने सोमवार को कहा कि अगर सातों पर दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि पार्टी को उम्मीद है कि जब उनके पत्र पर विचार किया जाएगा, तो सभापति संविधान और लोकतंत्र के पक्ष में फैसला लेते हुए उन सात सदस्यों को अयोग्य ठहराएंगे. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है तो हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे. इस तरह से किसी पार्टी को तोड़ना गलत है. बता दें, सिंह ने रविवार को राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखकर इन सात सदस्यों को अयोग्य घोषित करने की मांग की थी और कहा था कि उनका कदम संविधान के दलबदल विरोधी प्रावधानों का उल्लंघन है.
सातों सांसदों का बीजेपी में हुआ विलय
इससे पहले राज्यसभा के सभापति ने इन सांसदों के बीजेपी में विलय को स्वीकार कर लिया है. सभापति के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय सिंह ने कहा कि उन सात सांसदों ने भाजपा में अपने विलय को मान्यता देने के लिए पत्र दिया था जिसे स्वीकार कर लिया गया. सिंह ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की आपत्तियों और संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत उनकी अयोग्यता की मांग पर कोई विचार नहीं किया गया.
AAP को लगा था तगड़ा झटका
इससे पहले शुक्रवार (24 अप्रैल) को आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका तब लगा था, जब उसके 10 में से 7 राज्यसभा सदस्य ने अचानक से पार्टी छोड़कर बीजेपी में जाने का फैसला कर लिया. इन सांसदों में राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल ने भाजपा में विलय कर लिया. इन सांसदों के आरोप लगाया है कि आम आदमी पार्टी अपने सिद्धांतों, मूल्यों और बुनियादी नैतिकता से भटक गई है.
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