Sanjay Raut: 152 दिन बाद जेल से बाहर आये संजय राउत, उद्धव गुट के शिवसैनिकों ने किया भव्य स्वागत, VIDEO

धन शोधन मामले में अदालत से जमानत मिलने के बाद शिवसेना सांसद संजय राउत जैसे ही मुंबई की आर्थर रोड जेल से बाहर आये, उन्हें समर्थकों ने घेर लिया. जेल के बाहर बड़ी संख्या में इंतजार कर रहे समर्थकों ने संजय राउत का भव्य स्वागत किया.

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 100 दिन से अधिक दिनों तक जेल में बंद रहने के बाद आखिरकार शिवसेना सांसद संजय राउत को जमानत मिल गयी. जमानत मिलने के बाद राउत मुंबई की आर्थर रोड जेल से बाहर आये.

जेल से बाहर आने के बाद संजय राउत का हुआ भव्य स्वागत

धन शोधन मामले में अदालत से जमानत मिलने के बाद शिवसेना सांसद संजय राउत जैसे ही मुंबई की आर्थर रोड जेल से बाहर आये, उन्हें समर्थकों ने घेर लिया. जेल के बाहर बड़ी संख्या में इंतजार कर रहे समर्थकों ने संजय राउत का भव्य स्वागत किया. जेल के बाहर स्वागत करते हुए समर्थकों ने पटाखे फोटकर और ढोल-नगाड़े बजाकर जश्न मनाया. संजय राउत ने भी समर्थकों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया.

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मुंबई की विशेष अदालत ने संजय राउत को जमानत दी

मुंबई की एक विशेष अदालत ने पात्रा ‘चॉल’ पुनर्विकास परियोजना से जुड़े कथित धनशोधन के मामले में शिवसेना सांसद संजय राउत को बुधवार को जमानत दे दी.

ईडी के अनुरोध को अदालत ने किया खारिज

संजय राउत मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अदालत से जमानत आदेश को शुक्रवार तक प्रभावी नहीं करने का अनुरोध किया था, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया. इधर ईडी को बॉम्बे हाईकोर्ट से झटका लगा. हाईकोर्ट ने शिवसेना सांसद संजय राउत को अदालत से मिली जमानत पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया. अदालत ने कहा कि वह इस तरह का आदेश दोनों पक्षों को सुने बिना नहीं पारित कर सकती. इसके साथ ही इसने मामले की सुनवाई के लिए बृहस्पतिवार की तारीख मुकर्रर की.

7 जुलाई को ईडी ने किया था संजय राउत को गिरफ्तार

ईडी ने राज्यसभा सदस्य राउत को इस साल जुलाई में उपनगरीय गोरेगांव में पात्रा ‘चॉल’ के पुनर्विकास में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े धनशोधन मामले में उनकी कथित संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किया था. उसके बाद से राउत न्यायिक हिरासत में मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद थे. अदालत ने सांसद के सहयोगी और सह-आरोपी प्रवीण राउत को भी जमानत दे दी.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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