संथाली में सुमित्रा सोरेन को मिला साहित्य अकादमी पुरस्कार, देखें पूरी सूची

Sahitya Akademi Award: सुमित्रा सोरेन को उनके कहानी संग्रह ‘मिद बिरमा चेनहे साओन इनाग सागाई’ (Mid Birma Chenne Saon Inag Sagai) के लिए संथाली भाषा में साहित्य अकादमी पुरस्कार (2025/2026) से सम्मानित किया गया. यहां आपको सभी भाषा में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित साहित्यकारों की पूरी सूची दे रहे हैं.

Sahitya Akademi Award: सुमित्रा सोरेन को उनके कहानी संग्रह ‘मिड बिर्ना चेनने साओन इनाग सागई’ (Mid Birma Chenne Saon Inag Sagai) के लिए संथाली भाषा में साहित्य अकादमी पुरस्कार (2025/2026) से सम्मानित किया गया. यहां आपको सभी भाषा में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित साहित्यकारों की पूरी सूची दे रहे हैं.

हिंदी में साहित्यकार ममता कालिया को साहित्य अकादमी पुरस्कार

हिंदी की वरिष्ठ साहित्यकार ममता कालिया के संस्मरण ‘जीते जी इलाहाबाद’ को साल 2025 के साहित्य अकादमी पुरस्कार के लिए चुना गया है. इसके साथ ही अंग्रेजी में ‘क्रिमसन स्प्रिंग’ (उपन्यास) के लिए नवतेज सरना को और उर्दू में ‘सफ़र जारी है’ (कविता) के लिए प्रितपाल सिंह बेताब को अकादमी पुरस्कार के लिए चुना गया है.

विजेताओं को पुरस्कार में क्या मिलता है?

साहित्य अकादमी के अनुसार, पुरस्कार स्वरूप एक ताम्रफलक, शॉल और एक लाख रुपये की राशि पुरस्कृत लेखकों को 31 मार्च 2026 को नयी दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान की जाएगी.

असमिया में देवब्रत दास को साहित्य अकादमी पुरस्कार

अकादमी द्वारा जिन लेखकों को पुरस्कारों के लिए चुना गया है उनमें असमिया भाषा के उपन्यास ‘कड़ि खेलर साधु’ के लिए देवब्रत दास, बांग्ला में ‘श्रेष्ठ कबिता’ (कविता) के लिए प्रसून बंद्योपाध्याय, ‘दोंनै लामाः मोनसे गाथोन’ (बोडो भाषा में उपन्यास) के लिए सहायसुलि ब्रह्म को और डोगरी में ‘ठाकुर सतसई’ (कविता, दोहे) के लिए खजूर सिंह ‘ठाकुर’ को यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा.

साहित्य अकादमी पुरस्कार 2025 के विजेताओं की पूरी सूची

हिंदी – वरिष्ठ साहित्यकार ममता कालिया के संस्मरण ‘जीते जी इलाहाबाद’
अंग्रेजी – ‘क्रिमसन स्प्रिंग’ (उपन्यास) के लिए नवतेज सरना
उर्दू – ‘सफर जारी है’ (कविता) के लिए प्रितपाल सिंह बेताब
असमिया – उपन्यास ‘कड़ि खेलर साधु’ के लिए देवब्रत दास
बांग्ला – ‘श्रेष्ठ कबिता’ (कविता) के लिए प्रसून बंद्योपाध्याय
बोडो – ‘दोंनै लामाः मोनसे गाथोन’ (उपन्यास) के लिए सहायसुलि ब्रह्म
डोगरी – ‘ठाकुर सतसई’ (कविता, दोहे) के लिए खजूर सिंह ठाकुर
गुजराती – ‘भट्टखडकी’ (कविता) के लिए योगेश वैद्यको
कन्नड – दडा सेरिसु तंदे (कहानी) के लिए अमरेश नुगडोणी
कश्मीरी – ‘नजदावनेकी पॉट अलाव’ (कविता) के लिए अली शैदा
कोंकणी – ‘कोंकणी काव्यें: रुपां आनी रूपकां (आलोचनात्मक निबंध) के लिए हेनरी मेंडोनका (एच्चेम पेरनाळ)
मैथिली – ‘धात्री पात सन गाम’ (संस्मरण) के लिए महेन्द्र
मलयालम – मायामानुष्यर (उपन्यास) के लिए एन. प्रभाकरन
मणिपुरी – ‘कंगलमद्रीब इफुत’ (कहानी) के लिए हाओबम नलिनि
मराठी – ‘कालयानियया रेषा’ (आत्मकथा) के लिए राजू बाविस्कर
नेपाली – ‘नेपाली पारम्परिक संस्कृति र सभ्यताको ढुकुटी’ (निबंध) के लिए प्रकाश भट्टराई
ओड़िआ – ‘पदपुराण’ (कविता)के लिए गिरिजाकुमार बलियारसिंह
पंजाबी – ‘सेफ्टी किट’ (कहानी) के लिए जिंदर, राजस्थानी- ‘भरखमा’ (कहानी) के लिए जितेंद्र कुमार सोनी
संस्कृत – ‘प्रस्थानचतुष्टये ब्रह्मघोषः’ (कविता) के लिए महामहोपाध्याय साधु भद्रेशदास
संथाली – ‘मिड बिर्ना चेनने साओन इनाग सागई’ (कहानी) के लिए सुमित्रा सोरेन
सिंधी – ‘वाघू’ (कहानी)के लिए भगवान अटलानी, तमिल – ‘तमिळ सिरुकथैयिन थडंगल’ (साहित्यिक आलोचना) के लिए सा. तमिलसेलवन
तेलुगु – ‘अनिमेष’ (कविता) के लिए नंदिनी सिद्धरेड्डी.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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