S-400 एयर डिफेंस सिस्टम के पराक्रम का वीडियो आया सामने, ऐसे बना पाकिस्तान का काल

S-400 Air Defense System: ऑपरेशन सिंदूर के जरिये भारतीय सेना ने पाकिस्तान को सबक सीखा दिया. 100 किलोमीटर अंदर घुसकर ऐसी तबाही मचाई, जिसे पाक जिंदगी भर नहीं भूल पाएगा. पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 निर्दोषों की आतंकवादियों ने हत्या की, बदले में भारत में पाकिस्तान और POK में 9 आतंकवादी ठिकानों को तबाह कर दिया. भारत के एयर स्ट्राइक से बौखलाए पाकिस्तान ने भारत पर ड्रोन और मिसाइल से ताबड़तोड़ हमला करने की कोशिश की. जिसे भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने पूरी तरह से नाकाम कर दिया.

S-400 Air Defense System: ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद पहली बार भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम एस-400 का वीडियो सामने आया है. कैसे पाकिस्तानी ड्रोन और मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया, वीडियो में साफ नजर आ रहा है. भारतीय सेना ने पहली बार सुदर्शन चक्र के पराक्रम को वीडियो जारी कर दिखाया है. भारतीय सेना की पश्चिमी कमान ने अपने आधिकारिक ‘X’ हैंडल पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का वीडियो साझा किया है, जिसमें पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर की गई सटीक और योजनाबद्ध कार्रवाई को दर्शाया गया है.

क्या है ऑपरेशन सिंदूर?

22 अप्रैल को पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के फेमस पर्यटक स्थल पहलगाम में पर्यटकों पर हमला कर दिया. जिसमें आतंकियों ने नाम और धर्म पूछकर 26 लोगों की हत्या कर दी. आतंकवादियों के कायराना हमले का बदला लेने के लिए भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया. 7 मई को भारतीय सेना ने पाकिस्तान और POK में 9 आतंकवादी ठिकानों को तबाह कर दिया. भारत ने अपनी सीमा रहते हुए आतंकवादियों के अड्डे को नष्ट किया, जिससे पाकिस्तान बौखला गया. आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई को पाकिस्तानी सेना ने अपना युद्ध बना दिया और भारत पर ताबड़तोड़ ड्रोन और मिसाइल अटैक करने की कोशिश की. लेकिन भारत की मजबूत डिफेंस सिस्टम ने पाक के सभी हमलों को नाकाम कर दिया और उसके सभी ड्रोल और मिसाइल को हवा में ही मार गिराया.

पाकिस्तान के सीजफायर उल्लंघन का भारतीय सेना ने दिया मुंह तोड़ जवाब

पाकिस्तान ने न केवल भारत पर हवाई हमला करने की कोशिश की, बल्कि एलओसी पर सीजफायर का उल्लंघन कर भारी गोलीबारी की. भारतीय जवानों ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया और उसके 30 से 40 सैनिकों को मार गिराया. भारत के ताबड़तोड़ हमले का पाकिस्तान पस्त हो गया और भारत से हमला रोकने की गुहार लगाई. आखिरकर दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच बातचीत के बाद भारत अपनी शर्तों पर सीजफायर के लिए तैयार हुआ. इस तरह भारतीय सेना ने एक बार फिर से पाकिस्तान को उसकी औकात दिखा दी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >