RLD : केसी त्यागी को मिली बड़ी जिम्मेदारी, संसदीय दल के बनाए गये अध्यक्ष

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय लोकदल ने संसदीय दल का गठन किया है. पार्टी का जनाधार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में काफी मजबूत माना जाता है. विधानसभा चुनाव की तैयारियों को मजबूती देने के लिए संसदीय दल का पुनर्गठन कर सियासी संदेश देने की कोशिश की गयी है.

RLD : वरिष्ठ नेता केसी त्यागी को जयंत चौधरी की पार्टी राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) में बड़ी जिम्मेदारी मिली है. उन्हें आरएलडी संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. राष्ट्रीय लोक दल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में संसदीय दल के गठन का प्रस्ताव पारित किया गया था और पारित प्रस्ताव के तहत मंगलवार को राष्ट्रीय लोक दल के संसदीय दल का गठन किया गया. राष्ट्रीय लोकदल के संसदीय दल में 15 सदस्य बनाए गए है. इसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी, मेजर जनरल बिशंभर दयाल, पूर्व सांसद तारीफ सिंह, पूर्व सांसद मुंशी राम, उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री अशोक यादव, पूर्व सांसद मलूक नागर, सांसद राजकुमार सांगवान, विधायक राजपाल बालियान, राजस्थान के पूर्व विधायक अब्दुर सगीर खान, विधान परिषद सदस्य योगेश चौधरी, राजस्थान के पार्टी विधायक सुभाष गर्ग, यशपाल बघेल, अनिल दुबे, रमा नागर और बबीता तोमर का नाम शामिल है. संसदीय दल में चार नेताओं किसान नेता युद्धवीर सिंह, विजय पूनिया, सुखबीर गठीना और चंद्रबली यादव का नाम विशेष आमंत्रित सदस्यों के तौर पर शामिल है.

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय लोकदल ने संसदीय दल का गठन किया है. पार्टी का जनाधार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में काफी मजबूत माना जाता है. विधानसभा चुनाव की तैयारियों को मजबूती देने के लिए संसदीय दल का पुनर्गठन कर सियासी संदेश देने की कोशिश की गयी है. गौरतलब है कि केसी त्यागी जदयू से लंबे समय से जुड़े रहे. उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भरोसेमंद माना जाता था और वे लंबे समय तक जदयू में राष्ट्रीय महासचिव के पद पर तैनात रहे. नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद उन्होंने जदयू से इस्तीफा देकर राष्ट्रीय लोकदल में शामिल हो गए.

 कौन हैं केसी त्यागी

वर्ष 1950 में गाजियाबाद में जन्मे केसी त्यागी का जन्म एक साधारण किसान परिवार में हुआ. मुरादनगर में स्कूली शिक्षा हासिल करने के बाद मेरठ विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की और यही से उनका झुकाव समाजवादी आंदोलन की ओर हो गया. उस समय चौधरी चरण सिंह किसानों के बड़े नेता माने जाते थे. त्यागी चौधरी चरण सिंह की विचारधारा से प्रभावित होकर उनके साथ जुड़ गए. वर्ष 1984 में लोकदल से लोकसभा का चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए. बाद में वर्ष 1989 में कांग्रेस को हराने के लिए जनता दल का गठन हुआ और केसी त्यागी पहली बार गाजियाबाद से पार्टी के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़े और कांग्रेस को हराकर सांसद बने. लेकिन जनता दल की सरकार गिरने के बाद पार्टी में टूट हो गयी और मुलायम सिंह ने समाजवादी पार्टी का गठन किया तो वे सपा से जुड़ गए. लेकिन सपा के साथ उनका रिश्ता लंबा नहीं चल पाया और जब नीतीश कुमार, जार्ज फर्नांडीज ने समता पार्टी का गठन किया तो केसी त्यागी इससे जुड़ गए.

वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव एनडीए प्रत्याशी के तौर पर लड़ा, लेकिन चुनाव हार गए. इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें राज्यसभा में भेजा, जहां वे वर्ष 2013-16 तक सदस्य रहे. फिर जदयू के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्य प्रवक्ता बने. लेकिन बाद में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र देने के बाद राष्ट्रीय लोकदल से जुड़ गए. आपातकाल के दौरान आवाज उठाने के कारण उन्हें मीसा के तहत जेल भी जाना पड़ा. केसी त्यागी को गठबंधन की राजनीति का पुराना अनुभव है और समाजवादी नेताओं के साथ उनके घनिष्ठ संबंध रहे हैं. ऐसे में जयंत चौधरी ने एक अनुभवी नेता को कमान देकर चुनावी संतुलन साधने की कोशिश की है. 

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Published by: Anjani kumar singh

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