निलंबित कांग्रेस सांसदों को लेकर अधीर रंजन ने कहा, 'जेबकतरों को फांसी पर नहीं लटकाया जा सकता'

गुरुवार को लोकसभा में हंगामे के दौरान कांग्रेस के सात सदस्यों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया. शुक्रवार को उन निलंबित सातों सांसदों को वापस लिये जाने को लेकर कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने संसद में अपनी मांग रखी.

नयी दिल्ली: लोकसभा से कांग्रेस के सात सदस्यों के निलंबन को वापस लिये जाने की मांग करते हुए सदन में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि ‘जेबकतरों को फांसी के तख्ते पर नहीं चढ़ाया जा सकता’. चौधरी ने यह भी कहा कि कांग्रेस के सदस्य आसन को ‘पॉप ऑफ द वेटिकन’ की तरह सम्मान देते हैं और उन्होंने कभी आसन का अनादर नहीं किया है.

उन्होंने कहा कि पार्टी के सात सदस्यों को एक साथ शेष सत्र के लिए निलंबित किये जाने का कोई आधार नजर नहीं आता.प्रदर्शन के दौरान अन्य विपक्षी सदस्य भी थे लेकिन कारण पता नहीं है कि किस आधार पर सातों सदस्यों को निलंबित कर दिया गया. यह छोटी बात नहीं है.

चौधरी ने कहा, ‘जेबकतरों को फांसी के तख्त पर नहीं चढ़ाया जा सकता.संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने चौधरी के बयान के संदर्भ में कहा, ‘निलंबित सदस्यों की तुलना जेबकतरों से करना उचित नहीं लगता. यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. हम इससे सहमत नहीं हैं.

कांग्रेस के इन सदस्यों में गौरव गोगोई, टी एन प्रतापन, डीन कुरियाकोस, राजमोहन उन्नीथन, बैनी बहनान, मणिकम टेगोर और गुरजीत सिंह औजला शामिल हैं.

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By Mohan Singh

Mohan Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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