केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति ने मंजूर किया त्यागपत्र

Ravneet Singh Bittu Resignation: राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल समाप्त होने के बाद केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. यह फैसला ऐसे समय आया है, जब भाजपा पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में जुटी है और राज्य में अपनी राजनीतिक रणनीति को नए सिरे से मजबूत करने में लगी है.

Ravneet Singh Bittu Resignation: बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उनका राज्यसभा कार्यकाल 21 जून को खत्म हो गया था. राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. इस्तीफे के बाद रवनीत सिंह बिट्टू ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया. उन्होंने कहा कि भारत सरकार में राज्य मंत्री के रूप में देश की सेवा करना उनके लिए सम्मान की बात रही.

मैं माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी और माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने मुझे भारत सरकार में राज्य मंत्री के रूप में राष्ट्र की सेवा करने का अवसर दिया. भारत की जनता, विशेषकर मेरे प्रिय पंजाब की सेवा करना मेरे लिए सम्मान की बात रही है. मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, राष्ट्रवाद और विकसित भारत के आदर्शों के प्रति प्रतिबद्ध हूं. मेरी जनसेवा की यात्रा नए समर्पण के साथ जारी रहेगी. रवनीत सिंह बिट्टू

राजनीतिक सफर

  • रवनीत सिंह बिट्टू अगस्त 2024 से जून 2026 तक राजस्थान से राज्यसभा सदस्य रहे.
  • वे पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं.
  • कांग्रेस के टिकट पर तीन बार लोकसभा सांसद चुने गए.
  • 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए.

चुनावी प्रदर्शन

  • 2017 में कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल से हार गए.
  • आम आदमी पार्टी के भगवंत मान के बाद तीसरे स्थान पर रहे.
  • 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार के रूप में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग से 20,942 वोटों से हार का सामना करना पड़ा.

2027 पंजाब चुनाव पर बीजेपी की नजर

बिट्टू का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब भाजपा पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में जुटी है. पार्टी ने साफ किया है कि वह राज्य में अकेले चुनाव लड़ेगी और शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन की अटकलों को खारिज कर चुकी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हालिया पंजाब दौरे के दौरान अकाली दल पर स्वार्थी हितों को प्राथमिकता देने और पंजाब की जनता की अनदेखी करने का आरोप लगा चुके हैं.

पंजाब का मौजूदा राजनीतिक समीकरण

2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 117 में से 92 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी, जबकि भाजपा को केवल दो सीटें मिली थीं. भाजपा को उम्मीद है कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और विपक्षी दलों की चुनौतियों के बीच वह 2027 के चुनाव में बेहतर प्रदर्शन कर सकेगी.

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लेखक के बारे में

By प्रीतीश सहाय

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.
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