Rashtrapati Bhavan: राष्ट्रपति सचिवालय ने कहा कि यह पहल औपनिवेशिक मानसिकता के अवशेषों को मिटाने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों की सीरीज का हिस्सा है. उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन सहित अन्य लोगों की उपस्थिति में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने अशोक मंडप के पास राजगोपालाचारी की प्रतिमा का अनावरण किया.
कौन थे एडविन लुटियंस?
एडविन लुटियंस एक आर्किटेक्ट थे. जब अंग्रेजों ने 1911 में भारत की राजधानी कलकत्ता से दिल्ली करने का फैसला किया, तब नई राजधानी के निर्माण की जिम्मेदारी एडविन लुटियंस को सौंपी गई. तब लुटियंस ने ही दिल्ली में कई इमारतों को बनवाया था.
मूर्ति हटाए जाने पर लुटियंस के परपोते ने जताया दुख
राष्ट्रपति भवन से मूर्ति हटाए जाने पर लुटियंस के परपोते मैट रिडले ने दुख जताया. उन्होंने एक्स पर लिखा- यह पढ़कर दुख हुआ कि लुटियंस (मेरे परदादा) की मूर्ति को दिल्ली में उनके डिजाइन किए गए प्रेसिडेंशियल पैलेस से हटाया जा रहा है. मैं पिछले साल इसके साथ था. उस समय मुझे हैरानी हुई कि उनका नाम प्लिंथ से क्यों हटा दिया गया था.
पीएम मोदी ने लिखा खास संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को इस अवसर पर भेजे गए एक संदेश में कहा कि राजाजी और महात्मा गांधी के बीच गहरे आपसी विश्वास और मित्रता से चिह्नित घनिष्ठ संबंध थे जो सर्वविदित है. प्रधानमंत्री मोदी का संदेश केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उपस्थित लोगों के समक्ष पढ़ा. मोदी ने अपने संदेश में कहा, इसलिए, महात्मा गांधी की प्रतिमा के ठीक सामने राजाजी की प्रतिमा स्थापित करना उचित है. इसके अलावा, यह तथ्य कि राजाजी की प्रतिमा उस स्थान पर स्थापित की जाएगी जहां पहले एडविन लुटियंस की प्रतिमा हुआ करती थी, एक महत्वपूर्ण विवरण है, यह औपनिवेशीकरण की स्मृतियों से मुक्ति का एक महत्वपूर्ण कार्य है. मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक केंद्रीय प्रांगण में राष्ट्रपति द्वारा राजगोपालाचारी, जिन्हें व्यापक रूप से राजाजी के नाम से जाना जाता है, की प्रतिमा का अनावरण भारत की जनता के लिए गर्व का क्षण है.
