शूटिंग में भारत को मेडल दिलाने वाले राज्यवर्धन राठौर का अगला निशाना झोटवाड़ा, खेल से राजनीति का ऐसा रहा सफर

राज्यवर्धन सिंह राठौर ने 2014 में भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन किया. 2014 के लोकसभा चुनाव में वे जयपुर ग्रामीण निवार्चन क्षेत्र से पहली बार जीतकर सांसद बने. पीएम मोदी की पहली ही कैबिनेट में उन्हें सूचना और प्रसारण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया.

भारत को ओलंपिक में गोल्ड मेडल दिलाने वाले कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर खेल की दुनिया में परचम लहराने के बाद राजनीति में सक्रिय हैं. भारतीय सेना से सेवानिवृत राज्यवर्धन राठौर ने 2004 के एथेंस ओलंपिक में डबल ट्रैप शूटिंग में रजत पदक जीता. उसके बाद राठौर की जमकर चर्चा हुई. एक दशक से अधिक के खेल करियर में उन्होंने राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में कई पदक हासिल किए. शूटिंग से संन्यास लेने के बाद राठौर ने बीजेपी का दामन थामा और 2014 से लगातार पार्टी की सेवा कर रहे हैं.

2014 में पहली बार सांसद बने राज्यवर्धन सिंह राठौर

राज्यवर्धन सिंह राठौर ने 2014 में भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन किया. 2014 के लोकसभा चुनाव में वे जयपुर ग्रामीण निवार्चन क्षेत्र से पहली बार जीतकर सांसद बने. पीएम मोदी की पहली ही कैबिनेट में उन्हें सूचना और प्रसारण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया. उसके बाद उन्हें 3 सितंबर 2017 को खेल मंत्री नियुक्त किया गया था. मई 2018 में, वह सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बने.

राठौर झोटवाड़ा सीट से लड़ेंगे राजस्थान चुनाव

राज्यवर्धन सिंह राठौर को राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में बीजेपी ने झोटवाड़ा सीट से मैदान पर उतारा है. राठौर अपने क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए काफी फेमस हैं. कई मुद्दों पर राठौर मुखर होकर अपनी पार्टी का पक्ष रखते हैं और विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधने से नहीं चुकते हैं.

खेल में उपलब्धियों के लिए राज्यवर्धन सिंह राठौर हो चुके हैं सम्मानित

  • 1989 में ब्लेजर (राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, पुणे, भारत में सर्वोच्च खेल पुरस्कार)

  • 1990 में सिख रेजिमेंट स्वर्ण पदक (भारतीय सैन्य अकादमी में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के लिए)

  • 1990 में स्वॉर्ड ऑफ ऑनर (भारतीय सैन्य अकादमी में सर्वश्रेष्ठ ऑल राउंड ऑफिसर कैडेट के लिए)

  • 2006 मेलबर्न राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए चुने गए ध्वजवाहक थे.

  • 2008 के बीजिंग ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के दौरान भारत के लिए चुने गए ध्वजवाहक.

  • राठौर अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम), असाधारण सेवा के लिए सैन्य पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुके हैं.

  • 2003-2004 – अर्जुन पुरस्कार

  • 2004-2005 – मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार (भारत का सर्वोच्च खेल सम्मान).

  • 2005 – पद्म श्री

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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