SCO Meeting: चीनी रक्षा मंत्री से मिले राजनाथ सिंह, कहा- बॉर्डर पर शांति के बिना सामान्य नहीं होंगे रिश्ते

SCO Meeting: ली शांगफू भारत की मेजबानी में यहां आयोजित हो रहे शंघाई सहयोग संगठन के रक्षा मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे. इसके बाद सिंह के साथ उनकी बैठक हुई. तीन साल पहले पूर्वी लद्दाख में सीमा पर गतिरोध उत्पन्न होने के बाद यह चीन के किसी रक्षा मंत्री की पहली भारत यात्रा है.

SCO Meeting: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने चीनी समकक्ष ली शांगफू से मुलाकात में उन्हें स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि मौजूदा सीमा समझौतों का चीन द्वारा उल्लंघन करने से दोनों देशों के बीच संबंधों की संपूर्ण बुनियाद को नुकसान पहुंचा है और लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर सभी मुद्दों का समाधान मौजूदा द्विपक्षीय समझौतों के अनुरूप निकाला जाना चाहिए. सिंह ने पूर्वी लद्दाख में तीन साल से जारी सीमा विवाद के बीच शांगफू के साथ करीब 45 मिनट तक चली द्विपक्षीय बैठक में यह भी स्पष्ट कहा कि भारत-चीन संबंधों की प्रगति सीमा पर अमन-चैन की स्थिति पर आधारित है.

ली शांगफू बैठक में शामिल होने दिल्ली पहुंचे

ली शांगफू भारत की मेजबानी में यहां आयोजित हो रहे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे. इसके बाद सिंह के साथ उनकी बैठक हुई. तीन साल पहले पूर्वी लद्दाख में सीमा पर गतिरोध उत्पन्न होने के बाद यह चीन के किसी रक्षा मंत्री की पहली भारत यात्रा है. सरकार के सूत्रों ने बताया कि सिंह ने ली शांगफू से कहा कि पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले बाकी बिंदुओं से सैनिकों की वापसी के बाद तनाव कम करने की दिशा में काम होना चाहिए. सिंह ने सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद जताई.

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दोनों देशों
के बीच संबंधों का विकास अमन-चैन पर आधारित

रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि दोनों मंत्रियों ने भारत-चीन सीमा क्षेत्रों के घटनाक्रम और द्विपक्षीय संबंधों के बारे में खुलकर बातचीत की. उसने कहा- रक्षा मंत्री सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया कि भारत और चीन के बीच संबंधों का विकास सीमाओं पर अमन-चैन की स्थिति पर आधारित है. मंत्रालय ने कहा- उन्होंने कहा कि एलएसी पर सभी मुद्दों का समाधान मौजूदा द्विपक्षीय समझौतों और प्रतिबद्धताओं के अनुरूप करने की जरूरत है. मंत्रालय के अनुसार सिंह ने इस बात को दोहराया कि मौजूदा समझौतों के उल्लंघन से द्विपक्षीय संबंधों की संपूर्ण बुनियाद को नुकसान पहुंचा है. सूत्रों ने कहा कि सिंह ने चीनी मंत्री से कहा कि भारत चीन के साथ संबंधों में सुधार चाहता है लेकिन सीमा पर अमन और चैन बहाल होने के बाद ही यह संभव है.

सैन्य सहयोग तभी आगे बढ़ सकता है जब सीमा पर शांति स्थापित

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बैठक में यह भी साफ तौर पर कहा कि दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग तभी आगे बढ़ सकता है जब सीमा पर शांति स्थापित हो. सिंह ने ट्वीट किया- चीन के रक्षा मंत्री, जनरल ली शांगफू से नयी दिल्ली में बातचीत की. दोनों रक्षा मंत्रियों के बीच वार्ता से कुछ दिन पहले भारत और चीन की सेनाओं ने सीमा विवाद को खत्म करने के उद्देश्य से 18वें दौर की सैन्य वार्ता की थी. बीते 23 अप्रैल को हुई कोर कमांडर स्तर की वार्ता में दोनों पक्ष संपर्क बनाये रखने और पूर्वी लद्दाख में शेष मुद्दों पर जल्द से जल्द पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान निकालने पर सहमत हुए थे. हालांकि, विवाद खत्म करने के लिए आगे बढ़ने का कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला था. गोवा में एससीओ सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों के एक सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीनी विदेश मंत्री छिन कांग भी अगले सप्ताह भारत आने वाले हैं. बैठक चार और पांच मई को होनी है.

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