Railway: अब 16 से 20 डिब्बे के होंगे मेमू ट्रेन

मेमू ट्रेन के डिब्बों की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी. पहले से चल रही 8 से 12 डिब्बों से बढ़ाकर 16 से 20 डिब्बे किये जायेंगे, जिससे कम दूरी के यात्रियों को बहुत अधिक फायदा होगा.

Railway: हाल ही में यात्री ट्रेन सेवाओं को उन्नत करने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है. अब 100 से अधिक मेमू ट्रेनों को बढ़ाया जाएगा. उनकी संरचना को 8 से 12 डिब्बों से बढ़ाकर 16 से 20 डिब्बे किया जाएगा. जिससे कम दूरी के यात्रियों को बहुत लाभ होगा. 100 से अधिक मेमू ट्रेनों के निर्माण के लिए आंध्र प्रदेश के काजीपेट में एक नया कारखाना स्थापित किया गया है. केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को हरियाणा के मानेसर स्थित मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड में देश के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल का उद्घाटन के मौके पर यह बात कही. उन्होंने नमो भारत ट्रेनों की सफल शुरुआत का उल्लेख करते हुए कहा, “चल रही दो नमो भारत ट्रेनों के प्रति जनता की मजबूत प्रतिक्रिया से उत्साहित होकर, हमने बढ़ती यात्री मांग को पूरा करने के लिए 50 नई नमो भारत ट्रेनें बनाने का फैसला किया है.

यात्री और माल ढुलाई के प्रदर्शन के मोर्चे पर  वैष्णव ने कहा, “वित्त वर्ष 2023-24 में भारतीय रेलवे ने लगभग 720 करोड़ यात्रियों और 1,617 मिलियन टन माल का परिवहन किया. इस प्रदर्शन ने भारतीय रेलवे को विश्व स्तर पर दूसरी सबसे अधिक माल ढुलाई  हासिल करने में मदद की, जिससे 2023-24 एक ऐतिहासिक वर्ष बन गया.”  

यात्री सुविधा में हुए महत्वपूर्ण सुधार

वैष्णव ने पिछले एक दशक में भारतीय रेलवे में हुए महत्वपूर्ण बदलावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि  “2014 से पहले, रेलवे का वार्षिक बजट 24,000-25,000 करोड़ रुपये के आसपास रहता था, अब इसे बढ़ाकर 2.5 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। कई स्टेशनों और डिब्बों में शौचालय जैसी बुनियादी यात्री सुविधाएं नदारद थीं. पिछले ढाई साल में सामान्य डिब्बों की संख्या बढ़ाने के लिए एक केंद्रित अभियान शुरू किया गया है. पिछले साल ही 1,200 से ज़्यादा सामान्य डिब्बे जोड़े गए हैं.” यात्री सुविधा में एक महत्वपूर्ण सुधार की घोषणा की गयी है, जिसे 1 जुलाई 2025 से लागू किया जाएगा. 

“नए नियम के अनुसार, केवल आधार-प्रमाणित और केवाईसी-सत्यापित उपयोगकर्ताओं को बुकिंग विंडो के पहले 30 मिनट के दौरान तत्काल टिकट बुक करने की अनुमति होगी. इस उपाय से यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि टिकट वास्तविक यात्रियों को ही उपलब्ध हों.“ उन्होंने बीकानेर मंडल में चल रही एक पायलट परियोजना के बारे में भी बताया, जहां अब यात्री आरक्षण चार्ट 24 घंटे पहले तैयार किए जा रहे हैं, जबकि पहले यह ट्रेन के रवाना होने से 4 घंटे पहले तैयार किया जाता था. इस पहल को नागरिकों और जन प्रतिनिधियों से काफ़ी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है और इससे यात्रा के अनुभव में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >