Railway: रेलवे सुरक्षा और आधुनिकीकरण के लिए सिग्नलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में व्यापक बदलाव ला रहा है. इस कड़ी में पूर्वी रेलवे के सबसे व्यस्त मालदा डिवीजन में 20 जगह एडवांस इलेक्ट्रोनिक इंटरलॉकिंग को लगाने की मंजूरी दी है. इस योजना पर 274 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. इसके तहत मौजूदा पैनल इंटरलॉकिंग की जगह एडवांस इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग 18 रेलवे स्टेशन और 2 ब्लॉक सिग्नलिंग वाले स्थान पर लगाया जाएगा. रेल मंत्रालय व्यस्त रूट पर सिग्नलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का आधुनिकीकरण करने को प्राथमिकता दे रहा है. सिग्नलिंग सिस्टम के आधुनिकीकरण से इसकी क्षमता, रखरखाव पहले से बेहतर होगा और यात्री और बढ़ती माल ढुलाई का प्रबंधन बेहतर तरीके से हो सकेगा. इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग काफी आधुनिक सिस्टम है और यह फेल नहीं होता है. इससे रूट सेटिंग और सिग्नलिंग का काम ऑटोमेटिक होता रहता है. इस तकनीक से मानवीय चूक और उपकरण के फेल होने की संभावना काफी कम हो जाती है. आधुनिक सिस्टम से ट्रेनों की परिचालन क्षमता, सेवा में रुकावट और किसी कमी को कम समय में ठीक करने में मदद मिलेगी.
माल ढुलाई में लगातार हो रहा है इजाफा
भारतीय रेल ने जून 2026 में 142.21 मिलियन टन माल ढुलाई की, जबकि पिछले जून में यह आंकड़ा 136.71 मिलियन टन था. यह चार फीसदी की वृद्धि है. माल ढुलाई से रेलवे को लगभग 430 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ, जो जून 2025 की तुलना में 3 फीसदी अधिक है. माल ढुलाई में उर्वरक की 19.1 फीसदी, अन्य वस्तुओं में 17.3 फीसदी, लौह अयस्क में 9.4 फीसदी, कोयले की ढुलाई में 4.9 फीसदी और अन्य वस्तुओं की ढुलाई में वृद्धि हुई है. मौजूदा तिमाही में रेलवे ने 419.08 मिलियन टन माल की ढुलाई की, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 की इसी अवधि के दौरान यह 413.05 मिलियन टन थी. गर्मी में थर्मल पावर प्लांट की बढ़ी जरूरत को देखते हुए कोयला ढुलाई में 7 फीसदी की वृद्धि हुई है. माल ढुलाई के लिए आम लोगों के लिए रेलवे सफर का सबसे पसंदीदा साधन बना हुआ है. इस साल जून में 63.81 करोड़ यात्रियों ने रेलवे से यात्रा की, जबकि पिछले साल जून में यह आंकड़ा 62.37 करोड़ था. रेलवे प्रीमियम ट्रेन सेवाओं के विस्तार के साथ ही यात्री सेवाओं का आधुनिकीकरण पर जोर दे रहा है. वंदे भारत सेवाओं की संख्या बढ़कर 164 हो गयी है. अमृत भारत ट्रेन सेवाओं की संख्या 72 हो गयी है.
