Chhatron Ki Goonj : नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया है. उन्होंने सरकार के खर्चों की तुलना शिक्षा के गिरते स्तर से करते हुए लिखा कि "सरकार के पास दीये जलाने के लिए पैसे हैं, तो हमारे हॉस्टल के लिए क्यों नहीं?" उन्होंने बताया छात्रों की गूंज कार्यक्रम के दौरान एक छात्रा ने उनसे शिक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी.
राहुल गांधी ने लिखा, यह सवाल मुझसे इंदौर में एक छात्रा ने पूछा, जो गांव से शहर पढ़ने आई थी. हॉस्टल की सुविधा न होने के कारण उसे सुरक्षित रहने के लिए महंगे पीजी (Paying Guest) में लाखों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं. हर महीने किराए की चिंता और बेघर होने के खौफ के बीच उसे पढ़ाई करनी पड़ती है."
कांग्रेस राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने भी 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए पीएम मोदी पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने लिखा कि केंद्र सरकार प्रचार और व्यक्तिगत विलासिता पर भारी खर्च कर रही है, जबकि देश की सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली बदहाली की कगार पर है.
"मोदी जी के पास हर चीज के लिए पैसा है..."
खेड़ा ने अपनी पोस्ट में लिखा, "पीआर इवेंट्स, डिजाइनर कपड़े, लग्जरी कारें, विमान और स्किनकेयर... मोदी जी के पास हर चीज के लिए पैसा है, लेकिन भारत के युवाओं की शिक्षा के लिए नहीं. न पर्याप्त बुनियादी ढांचा है, न अच्छे शिक्षक, न ट्रेनिंग, न हॉस्टल और न ही नौकरियां. इस मोड़ पर उनकी डिग्री की प्रामाणिकता लगभग बेमानी हो जाती है. शिक्षा के प्रति उनकी उपेक्षा ही यह दर्शाती है कि वह कितने 'शिक्षित' हैं."
आवास और सुरक्षा की कमी से पढ़ाई छोड़ रहीं छात्राएं
कांग्रेस सांसद ने प्रधानमंत्री से सवाल करते हुए कहा कि रहने की उचित व्यवस्था और सुरक्षा न होने के कारण कई छात्राओं को बीच में ही पढ़ाई छोड़नी पड़ जाती है.
उन्होंने कहा कि छात्रों को मिलने वाला हाउसिंग अलाउंस (आवास भत्ता) न तो महंगाई के अनुपात में बढ़ता है और जो मिलता भी है, वह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है. राहुल गांधी ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए पूछा कि क्या उनके पास उस छोटी बच्ची के सवाल का कोई जवाब है.
ये भी पढ़ें: 21 सितंबर का मौसम : UP-बिहार से MP-झारखंड तक नजर; देखें इन 20 राज्यों की Weather Update
