छात्रों की गूंज: राहुल गांधी ने मनुस्मृति पर साधा निशाना, कहा- इसमें कहा गया है स्त्री को कभी भी स्वतंत्र नहीं होना चाहिए

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के पुणे स्थित AISSMS कॉलेज मैदान में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के चौथे चरण को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने महिलाओं की स्वायत्तता, सुरक्षा और सामाजिक पहचान पर खुलकर बात की. ऐतिहासिक ग्रंथों का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने मनुस्मृति पर सीधा निशाना साधा और इसे महिलाओं की स्वतंत्रता को सीमित करने वाला विचार करार दिया.

कार्यक्रम में छात्राओं से सीधे संवाद के दौरान राहुल गांधी ने मनुस्मृति के एक श्लोक का जिक्र करते हुए कहा: "मनुस्मृति कहती है- बचपन में स्त्री अपने पिता के अधीन होती है, जवानी में पति के अधीन, और पति की मृत्यु के बाद अपने बेटों के अधीन होती है. यानी स्त्री को कभी भी स्वतंत्र नहीं होना चाहिए. यह एक सीधा उद्धरण है और ये शब्द शर्मनाक हैं. ऐसे विचार कभी समाज में कहे ही नहीं जाने चाहिए थे."

70 करोड़ महिलाओं के सपने ही भारत की असली पूंजी : राहुल गांधी

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, "अक्सर लोग मुझसे पूछते हैं, 'भारत की सबसे बड़ी ताकत क्या है?' इस सवाल के कई जवाब मिलते हैं. कोई हमारी अर्थव्यवस्था का नाम लेगा, कोई हमारी सेना का, कोई हमारे मेडिकल सिस्टम का, तो कोई हमारे लोगों का. लेकिन मैं इस बात को लेकर बिल्कुल साफ हूं कि भारत की सबसे बड़ी ताकत और सबसे बड़ी पूंजी क्या है? वह ताकत है भारत की महिलाओं की 70 करोड़ अनोखी यात्राएं, अनोखी कल्पनाएं और अनोखे सपने, जिन्हें वे जी रही हैं."


कार्यक्रम से पहले बवाल: पुलिस की 30 शर्तें और छात्रों में टकराव

  • पुणे में राहुल गांधी के इस कार्यक्रम से पहले राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया था. पुणे पुलिस ने आयोजकों को 30 शर्तों के साथ अनुमति दी थी. इनमें धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचाने, आपत्तिजनक बैनर न लगाने और नो-ड्रोन जोन जैसे कड़े नियम शामिल थे.
  • NSUI और ABVP में झड़प: शुक्रवार की देर रात COEP हॉस्टल परिसर में छात्रों को कार्यक्रम में लाने के मुद्दे पर NSUI और ABVP के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा.
  • भाजपा के आरोप: बीजेपी विधायक राम कदम ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में छात्रों को पैसे देकर लाया जा रहा है, जिसे कांग्रेस ने सिरे से खारिज कर दिया.


ये भी पढ़ें: Sugar Price: खरगे का दावा- तीन महीने में 40% महंगी हुई चीनी, सरकार ने दिया जवाब


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >