Rahul Gandhi On CAPF Bill: राहुल गांधी ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि CAPF (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 को उस दिन लोकसभा में चर्चा और पारित कराने के लिए लाया गया है, जिस दिन वह असम के चुनावी दौरे पर हैं. राहुल का कहना है कि उन्होंने सरकार से आग्रह किया था कि वह इस विधेयक पर सदन में बोलना चाहते हैं, ऐसे में इसे पारित करवाने की तिथि थोड़ा आगे-पीछे कर दी जाए, लेकिन सरकार नहीं चाहती कि वह इस विषय पर बोलें.
राज्यसभा में ध्वनिमत से पारित हुआ CAPF बिल
राज्यसभा ने बुधवार को CAPF बिल को ध्वनिमत से पारित कर दिया. सरकार का कहना है कि यह कानून बनने के बाद इन बलों का बेहतर प्रबंधन होगा और कार्यकुशलता बढ़ेगी.
राहुल गांधी ने सीआरपीएफ के घायल जवान से मुलाकात की और बातचीत का किया जिक्र
राहुल गांधी ने पिछले दिनों सीआरपीएफ के एक घायल जवान से मुलाकात का उल्लेख करते हुए एक्स पर पोस्ट किया, असिस्टेंट कमांडेंट अजय मलिक जी ने नक्सली मुठभेड़ के दौरान आईईडी विस्फोट में अपना एक पैर खो दिया, देश की रक्षा में सब कुछ दांव पर लगा दिया. और इस बलिदान के बदले मिला क्या? उन्होंने कहा, 15 साल से अधिक की निष्ठापूर्ण सेवा के बावजूद, पदोन्नति नहीं, अपनी ही बल का नेतृत्व करने का अधिकार नहीं, क्योंकि सभी शीर्ष पद आईपीएस अफसरों के लिए आरक्षित हैं. यह सिर्फ एक अफसर की पीड़ा नहीं, यह लाखों सीएपीएफ जवानों के साथ हो रहा संस्थागत अन्याय है.
पैरामिलिट्री फोर्स पर शीर्ष नेतृत्व थोपा जाता है : राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा- आपको यह जानकर हैरानी होगी कि भारत में किसी भी पैरामिलिट्री फोर्स का नेतृत्व ऐसे किसी अधिकारी ने नहीं किया है, जो उसी फोर्स में नीचे से ऊपर तक तरक्की करके उस पद पर पहुंचा हो. एक भी ऐसी पैरामिलिट्री फोर्स नहीं है, जिसका नेतृत्व उसी फोर्स के भीतर से उभरा हो. पैरामिलिट्री फोर्स पर शीर्ष नेतृत्व थोपा जाता है. यह पूरी तरह से गलत है. हमने इसका विरोध किया है, और सुप्रीम कोर्ट ने भी इसका विरोध किया है. लेकिन सरकार एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट की बात को नजरअंदाज कर रही है.
कांग्रेस की सरकार बनी तो खत्म करेंगे कानून
राहुल गांधी ने कहा- कांग्रेस सभी पैरामिलिट्री फोर्स के साथ खड़ी है, और जब हम सत्ता में आएंगे, तो हम उन्हें न्याय दिलाएंगे. कांग्रेस की सरकार बनी जो प्रस्तावित कानून को खत्म करेंगे.
CAPF बिल का उद्देश्य गृह मंत्रालय के अधीन आने वाले बलों का संचालन करना
सीएपीएफ (सामान्य प्रशासन) विधेयक का उद्देश्य गृह मंत्रालय के अधीन आने वाले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) का संचालन करना है. इन बलों में कुल करीब 10 लाख जवान कार्यरत हैं और इन्हें कानून-व्यवस्था संबंधी विभिन्न कर्तव्यों, सीमा सुरक्षा जैसे आंतरिक सुरक्षा कार्यों, आतंकवाद और उग्रवाद का मुकाबला करने तथा चुनाव कराने के लिए तैनात किया जाता है.
