राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस को कराया घंटों इंतजार, जानें क्या है मामला

भारत जोड़ो यात्रा के दौरान श्रीनगर में राहुल गांधी ने अपने भाषण में यौन शोषण का जिक्र किया था. उसी मामले को लेकर दिल्ली पुलिस पीड़िता के बारे में जानकारी लेने राहुल गांधी के पास पहुंची थी. सूत्रों के अनुसार पुलिस पहली बार 15 मार्च को राहुल गांधी के पास पहुंची थी.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस को घंटों इंतजार कराया. दरअसल दिल्ली पुलिस राहुल गांधी को नोटिस देने गयी थी. लेकिन 3 घंटे इंतजार करने के बावजूद राहुल गांधी दिल्ली पुलिस की टीम से नहीं मिले.

भारत जोड़ो यात्रा से जुड़ा है मामला

दरअसल भारत जोड़ो यात्रा के दौरान श्रीनगर में राहुल गांधी ने अपने भाषण में यौन शोषण का जिक्र किया था. उसी मामले को लेकर दिल्ली पुलिस पीड़िता के बारे में जानकारी लेने राहुल गांधी के पास पहुंची थी. सूत्रों के अनुसार पुलिस पहली बार 15 मार्च को राहुल गांधी के पास पहुंची थी. लेकिन राहुल 3 घंटे इंतजार कराने के बाद नहीं मिले. उसके बाद दिल्ली पुलिस के अधिकारी दोबारा 16 मार्च को राहुल गांधी को नोटिस देने पहुंचे. डेढ़ घंटे बाद पुलिस ने राहुल गांधी को व्यक्तिगत नोटिस दिया. पुलिस इस लिए राहुल गांधी के पास पहुंची थी कि पीड़िता को सुरक्षा प्रदान किया जा सके.

राहुल गांधी ने श्रीनगर में महिलाओं के यौन उत्पीड़न का मामला उठाया था

दरअसल श्रीनगर में अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने महिलाओं के यौन उत्पीड़न का मुद्दा उठाया था. उन्होंने कहा था कि उन्हें यौन उत्पीड़न की शिकायत मिली हैं. अब इसी मामले को लेकर पुलिस ने राहुल गांधी को सवालों की सूची सौंपी है. जिसमें पीड़िताओं के बारे में पूरी जानकारी मांगी गयी है, ताकी पीड़िता को सुरक्षा मुहैया कराया जा सके.

राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा था, महिलाओं के साथ हो रहा यौन उत्पीड़न

राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा था कि मैंने सुना है कि महिलाओं के अब भी यौन उत्पीड़न हो रहा है. उन्होंने उस समय कहा था कि उनसे एक लड़की मिली थी, जिसके साथ बलात्कार हुआ था. जब पीड़िता से राहुल गांधी ने पूछा की क्या पुलिस को बुलाना चाहिए. तब कथित रूप से पीड़िता ने पुलिस बुलाने से साफ इनकार कर दिया था.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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