Rahul Gandhi letter to PM Modi: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बहुजन समाज पार्टी (BSP) के संस्थापक कांशीराम को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित करने का अनुरोध किया है. उन्होंने पत्र में कहा कि यह कदम उन लाखों लोगों की आकांक्षाओं का सम्मान होगा, जो कांशीराम को सशक्तिकरण और आशा के प्रतीक के रूप में देखते हैं. राहुल गांधी ने अपने कहा कि कांशीराम ने भारतीय राजनीति का स्वरूप बदलने में अहम भूमिका निभाई है. उन्होंने अपने आंदोलनों के माध्यम से बहुजनों और गरीबों में राजनीतिक जागरूकता पैदा की और सामाजिक न्याय की दिशा में अहम योगदान दिया है. राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि कांशीराम के योगदान को यादगार बनाने के लिए उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान किया जाए.
राहुल गांधी बोले-कांशीराम को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया जाए
राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा-आज यानी रविवार (15 मार्च) जब हम कांशीरामजी की जयंती मना रहे हैं और उनकी विरासत और योगदान पर विचार कर रहे हैं, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया जाए. कांशीराम ने भारतीय राजनीति का स्वरूप बदल दिया. उन्होंने यह याद दिलाया कि उनका मत, उनकी आवाज और उनका प्रतिनिधित्व महत्वपूर्ण है और यह देश सभी का समान रूप से है.
लंबे समय से की जा रही है कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग- राहुल गांधी
अपने पत्र में राहुल गांधी ने लिखा कि कांशीराम के प्रयासों के कारण कई ऐसे लोग, जिन्होंने पहले कभी सार्वजनिक जीवन में आने के बारे में सोचा भी नहीं था, अब राजनीति को न्याय और समानता प्राप्त करने का साधन के रूप में देखने लगे. कांशीराम ने अपना जीवन समाज के सबसे निचले तबके के लोगों के लिए इन वादों को साकार करने के लिए समर्पित कर दिया. उन्होंने भारतीय लोकतंत्र की नींव को मजबूत किया और हमारी राजनीतिक व्यवस्था को अधिक प्रतिनिधि और न्यायपूर्ण बनाया.
कई सालों से दलित बुद्धिजीवी, नेता और कार्यकर्ता कांशीराम को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग करते रहे हैं. उन्होंने लखनऊ में हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम का हवाला देते हुए कहा कि उपस्थित नेताओं और प्रतिभागियों ने इस मांग को दृढ़ता से दोहराया था. राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में कहा- कांशीराम को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित करना देश के प्रति उनके अपार योगदान को मान्यता देगा और उन लाखों लोगों की आकांक्षाओं का सम्मान करेगा, जो उन्हें सशक्तीकरण और आशा का प्रतीक मानते हैं. (इनपुट भाषा)
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