Women Reservation Bill: महिला आरक्षण बिल को राहुल गांधी ने बताया अधूरा, लोकसभा में खेला OBC कार्ड

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक को तत्काल लागू किया जा सकता है और इसके लिए नई जनगणना एवं परिसीमन की कोई जरूरत नहीं है. उनका कहना था, दो ऐसी चीजें है जो मुझे अजीबो-गरीब लगती हैं.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने महिला आरक्षण से संबंधित ऐतिहासिक विधेयक का बुधवार को लोकसभा में समर्थन किया. हालांकि बिल पर बहस के दौरान उन्होंने ओबीसी कार्ड खेला. उन्होंने कहा, इस बिल में अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) की महिलाओं के लिए अलग आरक्षण का प्रावधान होना चाहिए क्योंकि इसके बिना यह विधेयक अधूरा है.

राहुल गांधी ने जातीय जनगणना कराने की मांग की

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीट आरक्षित करने के प्रावधान वाले ‘संविधान (एक सौ अट्ठाईसवां संशोधन) विधेयक, 2023’ पर निचले सदन में चर्चा में भाग लेते हुए सरकार से यह आग्रह भी किया कि तत्काल जातीय जनगणना कराई जाए और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के समय हुई जातीय जनगणना के आंकड़े जारी किए जाएं. कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सत्तापक्ष जातीय जनगणना की मांग से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहा है.

राहुल गांधी ने बिल का समर्थन किया, लेकिन बताया अपूर्ण

राहुल गांधी ने विधेयक का समर्थन किया और कहा, मेरी नजर में एक चीज (ओबीसी कोटा नहीं होना) इस विधेयक को अपूर्ण बनाती है. मैं चाहता हूं कि इस विधेयक में ओबीसी आरक्षण को शामिल किया जाना चाहिए था। यह बहुत जरूरी है कि भारत की आबादी के एक बड़े हिस्से, महिलाओं के बड़े हिस्से की आरक्षण तक पहुंच होनी चाहिए. इस विधेयक में यही नहीं है.

राहुल गांधी ने बिल को तत्काल लागू करने की मांग की

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक को तत्काल लागू किया जा सकता है और इसके लिए नई जनगणना एवं परिसीमन की कोई जरूरत नहीं है. उनका कहना था, दो ऐसी चीजें है जो मुझे अजीबो-गरीब लगती हैं. एक यह कि विधेयक को लागू करने के लिए ताजा जनगणना की जरूरत बतायी गयी है. दूसरा यह कि विधेयक को लागू करने के लिए नए परिसीमन की जरूरत है. मेरा विचार है कि यह विधेयक आज ही लागू हो सकता है. उन्होंने कहा कि आरक्षण के पूरे मामले को सात-आठ साल आगे तक टालने की कोशिश हो रही है.

राहुल गांधी बोले- भारत सरकार में 90 सचिव, जिसमें केवल तीन ओबीसी समुदाय से

राहुल गांधी ने दावा किया कि भारत सरकार में 90 सचिव हैं जिनमें केवल तीन ओबीसी समुदाय से आते हैं और वे सिर्फ पांच प्रतिशत बजट को नियंत्रित करते हैं. राहुल गांधी ने सरकार से देश में तत्काल जातीय जनगणना कराने का आग्रह करते हुए कहा, यह जो सूची है वो ओबीसी समाज का अपमान है. उन्होंने आरोप लगाया, यह सरकार मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश करती है. जातीय जनगणना से ध्यान भटकाने में लगी रहती है. मुझे कारण नहीं पता. विपक्ष जैसे ही जातीय जनगणना की मांग करता है कि भाजपा कुछ नए इवेंट के जरिये ध्यान भटकाती है ताकि देश के लोग और ओबीसी दूसरी तरफ देखने लगें. राहुल गांधी ने यह भी कहा कि संसद के नए भवन में प्रवेश की प्रक्रिया में देश की राष्ट्रपति की मौजूदगी होनी चाहिए थी.

राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा

राहुल गांधी ने सत्तापक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, यदि आप आजादी से अब तक की यात्रा पर गौर करेंगे तो पाएंगे कि सत्ता का निरंतर हस्तांतरण हो रहा है, जिससे भारत के लोगों को अधिक अधिकार मिले हैं. दूसरी ओर, भारत के लोगों से शक्ति छीनने का एक विचार है. यही लड़ाई चल रही है. वास्तव में, कई मायनों में यही वह लड़ाई है जो आज भी जारी है.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

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अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

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खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

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