राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ को बिहार में होगी दिक्कत? नीतीश कुमार के पाला बदलने के बाद क्या होगा

राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल में सीधे तौर पर किसी भी राजनीतिक दल का नाम लेने से परहेज किया, लेकिन उनकी टिप्पणी पर टीएमसी और अन्य राजनीतिक दलों की ओर से प्रतिक्रियाएं आयीं. अब बिहार में ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ का क्या होगा जिसपर सबकी नजर टिकी हुई है.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अगुवाई वाली ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ दो दिन के विश्राम के बाद रविवार को पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले से फिर से शुरू हुई. सोमवार को दोपहर में बिहार में प्रवेश करने से पहले यात्रा उत्तर दिनाजपुर जिले के इस्लामपुर के लिए रवाना होगी. जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी की न्याय यात्रा आज बिहार के अररिया पहुंचेगी जिसकी तैयारी कर ली गई है. अब बिहार की राजनीति पूरी तरह से बदल चुकी है. दो दिन पहले तक इंडिया गठबंधन के साथ खड़े नजर आ रहे नीतीश कुमार, अब एनडीए में शामिल हो चुके हैं. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि राहुल गांधी की इस यात्रा को असम की तरह ही दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है.

असम में क्या हुई थी दिक्कत

  • राहुल गांधी ने असम की सरकार को सबसे भ्रष्ट सरकार बताया था जिसके बाद सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने पलटवार किया था.

  • 22 जनवरी को कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी को मंदिर जाने से रोका गया था.

  • ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दौरान कई जगह पर सड़क के किनारे लोग कांग्रेस विरोधी नारे लगाते दिखे. कई जगह पर बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकर्ता एक दूसरे से भिड़ते दिखे.

  • असम पुलिस ने हिंसा में शामिल होने के आरोप में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के अन्य नेताओं के खिलाफ स्वत: संज्ञान लिया और प्राथमिकी दर्ज की.

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बिहार के बाद झारखंड में होगी राहुल गांधी की यात्रा

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ को लेकर पिछले दिनों झारखंड प्रभारी गुलाम अहमद मीर, मंत्री आलमगीर आलम, विधायक बंधु तिर्की सहित अन्य नेताओं ने पाकुड़ सर्किट हाउस में बैठक की. बैठक में राहुल गांधी के दो फरवरी को पाकुड़ आगमन, पाकुड़ में शाम को राहुल गांधी का संबोधन और लिट्टीपाड़ा प्रखंड क्षेत्र में उनके रात्रि ठहराव को लेकर बातचीत की गई. झारखंड प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने कहा कि राहुल गांधी की यहां आठ दिनों की यात्रा होगी. इस दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष करीब 800 किलीमीटर की यात्रा करेंगे. रोजाना करीब 100 किलोमीटर की यात्रा होगी. वे दो फरवरी को पाकुड़ पहुंचेंगे.

बिहार में बदल चुकी है सरकार, कांग्रेस हुई हमलावर

बिहार में सरकार बदल चुकी है. नीतीश कुमार अब एनडीए के साथ हाथ मिला चुके हैं. इसके बाद से कांग्रेस लगातार हमलावर है. कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने देश के लोगों को राजनीति की नई परिभाषा बता दी है… जो कुछ बिहार में हो रहा है, उससे देश के लोगों को राजनीति से भारोसा उठ गया है. देश के लोगों का राजनीतिक दलों पर कोई भरोसा नहीं रह जाएगा.

वहीं, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है कि 23 तारीख को नीतीश कुमार ने पटना में बैठक बुलाने का काम किया था. सभी बैठकों में नीतीश कुमार नजर आए थे लेकिन उन्होंने कोई संकेत नहीं दिए. बिहार में कुछ ऐसे नेता है जो गिरगिट को भी कड़ी टक्कर देते दिख जाते हैं. सही समय पर बिहार की जनता नीतीश कुमार और पीएम मोदी को जरूर जवाब देगी.

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‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ 15 राज्यों के 110 जिलों से होकर गुजरेगी

उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव के लिए टीएमसी के साथ सीट बंटवारे को लेकर विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ में खींचतान चल रही है. इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को बंगाल और बंगालियों से देश में व्याप्त अन्याय के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व करने का आह्वान किया. यात्रा ने गत बुधवार को असम से बंगाल में प्रवेश किया था और दो दिन के अवकाश से पहले कूच बिहार जिले से होकर गुजरी थी. यात्रा के 67 दिनों में 6,713 किलोमीटर की दूरी तय करने का प्लान तैयार किया गया है. ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ 20 या 21 मार्च को मुंबई में समाप्त होने से पहले 15 राज्यों के 110 जिलों से होकर गुजरेगी.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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