नयी दिल्ली: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार की शाम करीब 4 बजे पार्टी के सभी विधायकों के साथ राजभवन का रूख किया. वहां सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधानसभा के विशेष सत्र में संसद द्वारा पारित किसान बिल के विरोध में लाए गए बिल को पेश किया. सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के मीडिया सलाहकार ने इस बात की जानकारी दी.
पंजाब में विशेष विधानसभा सत्र
गौरतलब है कि मंगलवार की सुबह पंजाब में विशेष विधानसभा सत्र बुलाया गया. यहां संसद द्वारा पारित 3 किसान बिल के विरोध में विधेयक पेश किया गया. पंजाब सरकार काफी समय से नये किसान बिल को किसान विरोधी बताती रही है. पंजाब विधानसभा में जो विधेयक पेश किया गया उसके मसौदे में लिखा है कि ‘नया कृषि कानून संविधान विरुद्ध है.
संविधान में स्पष्ट लिखा है कि कृषि राज्य सूची का विषय है. नया कृषि कानून राज्य की शक्तियों और कार्यक्षेत्र का अतिक्रमण करता है’.
किसान बिल का भारी विरोध
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि नया किसान बिल किसानों औऱ भूमिहीन श्रमिकों के हितों के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि नया कानून ना केवल हरियाणा और पंजाब बल्कि पश्चिमी यूपी के किसानों को भी प्रभावित करेगा. विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान कैप्टन अमरिंदर सिंह केंद्र सरकार के खिलाफ लगातार हमलावर रहे.
मैं इस्तीफा जेब में लेकर घूमता हूं
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि मैं ऑपरेशन ब्लू स्टार के वक्त भी नहीं डरा. मैं इस्तीफा देने से नहीं डरता. मैं अपनी जेब में त्यागपत्र लेकर चलता हूं. मैं इस बात से भी नहीं डरता कि मेरी सरकार बर्खास्त हो जाएगी. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि मैं किसानों को पीड़ित या बर्बाद होने नहीं दूंगा. मैं न्याय के लिए लड़ता रहूंगा.
