पुणे मर्डर: हत्या की वजह क्या कुछ और है? केतन के परिवार ने खारिज की 'विग थ्योरी'

केतन अग्रवाल अपने परिवार के रियल एस्टेट कारोबार सक्सेस ग्रुप में निदेशक थे. उनकी मौत किले से गिरने के बाद हुई. इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं और रोज कुछ न कुछ खुलासे मामले को लेकर हो रहे हैं. इस बीच 'विग थ्योरी' भी सामने आई. जानें केतन के परिवार ने इसपर क्या कहा.

केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल ने ‘विग थ्योरी’ को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि केतन के हल्के बाल झड़ने की बात कोई छिपी हुई नहीं थी. विशाल ने कहा कि केतन के सिर पर मेडिकल कारणों से थोड़े बाल कम थे. यह बात हम लोगों ने शादी तय होने से काफी पहले ही साफ-साफ बता दी थी. विशाल अग्रवाल ने कहा कि अगर सिया को इस बात से कोई परेशानी थी, तो वह साफ तौर पर शादी से इनकार कर सकती थी. अगर यह उसके लिए मुद्दा था, तो शादी कैंसिल करना उसके लिए बिल्कुल आसान था.

जांच में मामला हत्या का निकला

शुरुआत में इसे हादसा माना गया, लेकिन जांच में मामला हत्या का निकला. पुलिस का दावा है कि यह एक साजिश थी, जिसमें केतन की मंगेतर सिया (20) और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी (22) शामिल थे. शुरुआत में इस मामले को हादसा मानते हुए आकस्मिक मौत का केस दर्ज किया गया था. सिया ने परिवार को बताया था कि ट्रेकिंग के दौरान केतन का पैर फिसल गया और वह खाई में गिर गए. हालांकि, बाद में पुलिस ने किले के टिकट काउंटर की सीसीटीवी फुटेज खंगाली. फुटेज में एक व्यक्ति हूडी और शॉर्ट्स पहनकर सिया और केतन के पीछे कुछ दूरी पर चलता दिखाई दिया. इसके बाद जांच का रुख बदल गया.

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लोहागढ़ किले पहले भी गए थे सिया और केतन

पुलिस के मुताबिक, सिया घटना से पहले कई बार केतन को लोहागढ़ किले ले जाने की बात कह चुकी थी. 31 मई को वह उसे वहां लेकर गई थी. 4 जून को भी उसने दोबारा जाने की जिद की, लेकिन केतन की मां ने मना कर दिया. आरोप है कि 14 जून को सिया ने केतन को खाई में धक्का देने की कोशिश की थी. हालांकि, केतन ने एक झाड़ी पकड़कर खुद को बचा लिया. जब उसने सवाल किया, तो सिया ने वहां सांप होने का बहाना बना दिया.

हत्या की साजिश बाली ट्रिप से पहले रची गई

पुलिस के अनुसार, सिया और चेतन ने केतन की हत्या की साजिश उसकी बाली में होने वाली प्री-वेडिंग फोटोशूट यात्रा से पहले ही रच ली थी. हालांकि, केतन का पासपोर्ट गायब होने के कारण यह ट्रिप रद्द हो गई. जांच में कॉल रिकॉर्ड भी खंगाले गए. इनमें सिया और चेतन के बीच हजारों फोन कॉल्स मिलने का दावा किया गया है. कई बार दोनों की घंटों लंबी बातचीत भी हुई थी. पुलिस ने इस मामले में सिया और चेतन दोनों को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों पर हत्या और आपराधिक साजिश रचने के आरोप लगाए गए हैं. पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले हैं.

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Published by: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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