Pune liquor case : पुणे में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या 12 हो गई है. शुक्रवार सुबह मिली जानकारी के अनुसार पुणे और आसपास के इलाकों में 24 घंटे के भीतर कई लोगों ने पेट में दर्द की शिकायत की, बाद में उनकी मौत हो गई. आठ लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने मेथनॉल मिली जहरीली शराब के पहलू से मामले की जांच शुरू कर दी है.
देसी शराब की आपूर्ति करने वाला हिरासत में
पिंपरी-चिंचवड के फुगेवाडी इलाके और पुणे के हडपसर में बृहस्पतिवार को इन मौतों के संबंध में सूचनाएं मिलीं. आबकारी विभाग के अनुसार इन इलाकों में देसी शराब की आपूर्ति करने वाले एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है. उस व्यक्ति के खिलाफ दापोडी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुणे के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने एएनआई न्यूज एजेंसी को बताया कि मरने वालों को शराब के नशे की हिस्ट्री के साथ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. उनका पोस्टमॉर्टम हो गया है और बिसरा को फॉरेन्सिक लैब भेज दिया गया है. रात तक रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है. जांच के नतीजों के आधार पर, केस दर्ज कर लिया गया है. दोषियों को सख्त सजा मिलेगी. हमने पुणे शहर के इलाके में गैर-कानूनी शराब के खिलाफ 1000 रेड की हैं. हम अपनी तलाश और तेज कर रहे हैं.
एनसीपी के कार्यकर्ताओं ने दुकान में की तोड़फोड़
जहरीली शराब पीने से 12 लोगों की मौत की सूचना के बाद आक्रोशित एनसीपी कार्यकर्ताओं ने उस दुकान में तोड़फोड़ की, जहां से गैर कानूनी शराब की बिक्री की जा रही थी. हडपसर थाने के एक अधिकारी ने बताया कि उनके क्षेत्र में तीन लोगों की मौत हुई है. उन्होंने कहा इन लोगों ने पेट दर्द की शिकायत की थी. मौत की असली वजह का पता लगाया जा रहा है. राज्य आबकारी आयुक्त अतुल कानडे ने पीटीआई न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा कि फुगेवाडी में हुई मौतों के बाद विभाग ने जांच शुरू कर दी है. कानडे ने कहा हमने योगेश वानखेडे को हिरासत में लिया है, जिसने फुगेवाडी और हडपसर दोनों जगह शराब की आपूर्ति की थी. उसे पिंपरी चिंचवड पुलिस को सौंप दिया गया है और कार्रवाई की जा रही है.
शराब में कोई खतरनाक केमिकल मिक्स किया गया था
बीजेपी के नेता शंकर जगताप ने कहा कि यह दुर्घटना बहुत भयानक है. हम स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं. हमें पता चला है कि अबतक 10-12 लोगों की मौत हो चुकी है. इस शराब में कोई केमिकल मिलाया गया था, जो जानलेवा साबित हुआ. यह शराब उस इलाके में नहीं बनी थी, जहां इसका वितरण हुआ. अबतक इस मामले में छह लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है.
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