पुणे में जहरीली शराब पीकर मरने वालों की संख्या 12 हुई, एक गिरफ्तार

Pune liquor case : हमें लगा कि लगातार शराब पीने से मेरे भाई को परेशानी हो रही है, हम उसे 26 मई को अस्पताल लेकर गए. अगली सुबह उसकी मौत की खबर आई. तब भी हम यह नहीं समझ पाए थे कि उसकी मौत जहरीली शराब पीने से हुई है, लेकिन जब उनके दोस्त के साथ भी वही सबकुछ हुआ, तो हमारा शक बढ़ गया. अब तो यह संख्या 12-13 हो गई है. यह कहना है अख्तर शेख का, जिनके भाई बाबा शेख की मौत जहरीली शराब पीने से हुई है

Pune liquor case : पुणे में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या 12 हो गई है. शुक्रवार सुबह मिली जानकारी के अनुसार पुणे और आसपास के इलाकों में 24 घंटे के भीतर कई लोगों ने पेट में दर्द की शिकायत की, बाद में उनकी मौत हो गई. आठ लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने मेथनॉल मिली जहरीली शराब के पहलू से मामले की जांच शुरू कर दी है.

देसी शराब की आपूर्ति करने वाला हिरासत में

पिंपरी-चिंचवड के फुगेवाडी इलाके और पुणे के हडपसर में बृहस्पतिवार को इन मौतों के संबंध में सूचनाएं मिलीं. आबकारी विभाग के अनुसार इन इलाकों में देसी शराब की आपूर्ति करने वाले एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है. उस व्यक्ति के खिलाफ दापोडी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुणे के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने एएनआई न्यूज एजेंसी को बताया कि मरने वालों को शराब के नशे की हिस्ट्री के साथ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. उनका पोस्टमॉर्टम हो गया है और बिसरा को फॉरेन्सिक लैब भेज दिया गया है. रात तक रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है. जांच के नतीजों के आधार पर, केस दर्ज कर लिया गया है. दोषियों को सख्त सजा मिलेगी. हमने पुणे शहर के इलाके में गैर-कानूनी शराब के खिलाफ 1000 रेड की हैं. हम अपनी तलाश और तेज कर रहे हैं.

एनसीपी के कार्यकर्ताओं ने दुकान में की तोड़फोड़

जहरीली शराब पीने से 12 लोगों की मौत की सूचना के बाद आक्रोशित एनसीपी कार्यकर्ताओं ने उस दुकान में तोड़फोड़ की, जहां से गैर कानूनी शराब की बिक्री की जा रही थी. हडपसर थाने के एक अधिकारी ने बताया कि उनके क्षेत्र में तीन लोगों की मौत हुई है. उन्होंने कहा इन लोगों ने पेट दर्द की शिकायत की थी. मौत की असली वजह का पता लगाया जा रहा है. राज्य आबकारी आयुक्त अतुल कानडे ने पीटीआई न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा कि फुगेवाडी में हुई मौतों के बाद विभाग ने जांच शुरू कर दी है. कानडे ने कहा हमने योगेश वानखेडे को हिरासत में लिया है, जिसने फुगेवाडी और हडपसर दोनों जगह शराब की आपूर्ति की थी. उसे पिंपरी चिंचवड पुलिस को सौंप दिया गया है और कार्रवाई की जा रही है.

शराब में कोई खतरनाक केमिकल मिक्स किया गया था

बीजेपी के नेता शंकर जगताप ने कहा कि यह दुर्घटना बहुत भयानक है. हम स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं. हमें पता चला है कि अबतक 10-12 लोगों की मौत हो चुकी है. इस शराब में कोई केमिकल मिलाया गया था, जो जानलेवा साबित हुआ. यह शराब उस इलाके में नहीं बनी थी, जहां इसका वितरण हुआ. अबतक इस मामले में छह लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है.

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Published by: Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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