Palestine Bag: फिलिस्तीन लिखा बैग लेकर संसद पहुंची प्रियंका गांधी, बीजेपी ने लगाया गंभीर आरोप, देखें VIDEO

Palestine Bag: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी अपने बैग को लेकर काफी चर्चा में हैं. बीजेपी नेता लगातार उनपर और उनकी पार्टी पर हमला कर रहे हैं. दरअसल प्रियंका गांधी फिलिस्तीन लिखा बैग लेकर सोमवार को संसद पहुंची थीं. जिसके बाद विवाद शुरू हुआ.

Palestine Bag: प्रियंका गांधी जब संसद भवन में प्रवेश कर रही थीं, तो सभी की नजरें उनके बैग पर गईं. उनके बैग में फिलिस्तीन लिखा हुआ था. जिसके बाद बीजेपी उनपर हमलावर हो गई. हालांकि वायनाड से सांसद प्रियंका ने बताया कि फिलिस्तीनी लोगों के प्रति एकजुटता प्रकट करने के लिए उन्होंने ऐसा किया है.

Palestine Bag: बीजेपी ने लगाया तुष्टीकरण का आरोप

फिलिस्तीन लिखे बैग लेकर संसद आने पर बीजेपी ने प्रियंका गांधी पर जोरदार हमला किया. बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कहा, गांधी परिवार हमेशा से ही तुष्टीकरण का बैग ढोता रहा है. बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा, “प्रियंका गांधी के बैग पर ‘फिलिस्तीन’ लिखा है, आप समझ सकते हैं कि उनका भारत से कोई संबंध नहीं है. अभी कुछ दिन पहले इस पर ‘इटली’ लिखा था और अब इस पर ‘फिलिस्तीन’ है. पता नहीं भारत कब लिखा जाएगा. जिसके मन में भारत के लिए प्रेम नहीं, जिनके परिवार के लोग दुनिया भर में जा-जाकर भारत की बुराई, भारत के लोकतंत्र की बुराई, भारत के संवैधानिक ढांचों की बुराई करते हैं, वो भारत के पक्षधर नहीं हैं. वो फिलिस्तीन के पक्षधर हैं.”

Palestine Bag: बैग विवाद पर प्रियंका गांधी ने क्या कहा?

संसद में ‘फिलिस्तीन’ लिखा बैग लेकर आने पर बीजेपी की प्रतिक्रिया पर प्रियंका गांधी ने कहा, “बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों और हिंदुओं के खिलाफ जो अत्याचार हो रहे हैं. इस बारे में कुछ किया जाना चाहिए. इस बारे में बांग्लादेश सरकार से बात की जानी चाहिए और उन्हें ऐसी बेकार बातें नहीं करनी चाहिए.”

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प्रियंका गांधी के समर्थन में उतरे सीपीआई नेता

प्रियंका गांधी के समर्थन में सीपीआई सांसद पी संदोष कुमार ने कहा, “फिलिस्तीन का बैग ले जाना मुस्लिम तुष्टिकरण नहीं है. जो लोग फिलिस्तीन मुद्दे को मुस्लिम मुद्दे से जोड़ते हैं, वे अन्याय कर रहे हैं क्योंकि यह एक मानवीय मुद्दा है. यह एक वास्तविक अंतरराष्ट्रीय मुद्दा है जिसका हम सभी को समर्थन करना चाहिए और सीपीआई फिलिस्तीन के साथ खड़ी है.”

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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