Padma Awards 2025: बिहार की लोक गायिका को मरणोपरांत पद्म विभूषण, झारखंड के महावीर को पद्मश्री, देखें पूरी सूची

Padma Awards 2025: राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 68 प्रमुख हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया. जिसमें बिहार कोकिला के नाम से मशहूर बिहार की प्रसिद्ध लोक गायिका, शारदा सिन्हा (मरणोपरांत) को कला के लिए पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया. कला के लिए गुजरात की कुमुदिनी रजनीकांत लाखिया और सार्वजनिक मामले के लिए चंडीगढ़ के न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्री जगदीश सिंह खेहर को भी पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया.

Padma Awards 2025: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में 68 प्रमुख हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया. जिसमें 3 को पद्म विभूषण, 9 को पद्म भूषण और 56 हस्तियों को पद्म श्री से सम्मानित किया. जिसमें झारखंड के नागपुरी गायक महावीर नायक भी शामिल हैं. महावीर को पद्म श्री से सम्मानित किया गया. इससे पहले 28 अप्रैल को राष्ट्रपति ने 71 हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया था. इस समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित अन्य गणमान्य मौजूद थे.

पद्म विभूषण – न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्री जगदीश सिंह खेहर, कुमुदिनी रजनीकांत लाखिया और शारदा सिन्हा (मरणोपरांत).

इस साल 139 प्रतिष्ठित व्यक्तियों को नागरिक पुरस्कारों के लिए किया गया था नामित

इस साल 25 जनवरी को 76वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर कुल 139 प्रतिष्ठित व्यक्तियों को देश के नागरिक पुरस्कारों – पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री – के लिए नामित किया गया था. जिनमें 7 को पद्म विभूषण, 19 को पद्म भूषण, और 113 को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया. 71 लोगों को 28 अप्रैल को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति में राष्ट्रपति भवन के भव्य दरबार हॉल में ये पुरस्कार प्रदान किए गए.

पद्म विभूषण (7)

दुव्वुर नागेश्वर रेड्डी – चिकित्सा
शारदा सिन्हा (मरणोपरांत) – कला
जगदीश सिंह खेहर – सार्वजनिक मामले
ओसामु सुजुकी – व्यापार और उद्योग
कुमुदिनी रजनीकांत लाखिया – कला
लक्ष्मीनारायण सुब्रमण्यम – कला
एम.टी. वासुदेवन नायर (मरणोपरांत) – साहित्य और शिक्षा

पद्म भूषण (19)

ए. सूर्य प्रकाश – साहित्य और शिक्षा (पत्रकारिता)
अनंत नाग – कला
जतन गोस्वामी – कला
जोस चाको पेरियाप्पुरम – चिकित्सा
कैलाश नाथ दीक्षित – पुरातत्व
नल्ली कुप्पुस्वामी चेट्टी – व्यापार और उद्योग
पंकज पटेल – व्यापार और उद्योग
पंकज उधास (मरणोपरांत) – कला
पी.आर. श्रीजेश – खेल
रामबहादुर राय – साहित्य और शिक्षा (पत्रकारिता)
साध्वी ऋतंभरा – सामाजिक कार्य
शेखर कपूर – कला
विनोद धाम – विज्ञान और इंजीनियरिंग
बिबेक देबरॉय (मरणोपरांत) – साहित्य और शिक्षा
सुशील मोदी (मरणोपरांत) – सार्वजनिक मामले
मनोहर जोशी (मरणोपरांत) – सार्वजनिक मामले
नंदमुरी बालकृष्ण – कला
शोभना चंद्रकुमार – कला
अजित कुमार – कला

पद्मश्री (113)

अरिजीत सिंह – कला
आर. अश्विन – खेल
अशोक सराफ – कला
अश्विनी भिड़े-देशपांडे – कला
बतूल बेगम – कला
हरविंदर सिंह – खेल
जसपिंदर नरूला – कला
नीरजा भटला – चिकित्सा
भीम सिंह भावेश – कला
पी. दत्तचनमूर्ति – कला
एल. हंगथिंग – कृषि
लीबिया लोबो सरदेसाई – सामाजिक कार्य
गोकुल चंद्र दास – कला
सैली होलकर – सामाजिक कार्य
मारुति भुजंगराव चितमपल्ली – साहित्य और शिक्षा
शेखा ए.जे. अल सबा – योग
ह्यूग और कोलीन गैंटजर (युगल) – साहित्य और शिक्षा
किशोर कुणाल (मरणोपरांत) – सामाजिक कार्य
चंद्रकांत सोमपुरा – कला
अनिल कुमार बोरो – साहित्य और शिक्षा
अरुणोदय साहा – साहित्य और शिक्षा
अरविंद शर्मा – साहित्य और शिक्षा
चंद्रकांत शेठ – साहित्य और शिक्षा
डेविड आर. सियेमलीह – साहित्य और शिक्षा
गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ – साहित्य और शिक्षा
गीता उपाध्याय – साहित्य और शिक्षा
हृदय नारायण दीक्षित – साहित्य और शिक्षा
जगदीश जोशीला – साहित्य और शिक्षा
केएल कृष्णा – साहित्य और शिक्षा
लक्ष्मीपति रामसुब्बैयर – साहित्य और शिक्षा
ललित कुमार मंगोत्रा – साहित्य और शिक्षा
नागेंद्र नाथ रॉय – साहित्य और शिक्षा
नितिन नोहरिया – साहित्य और शिक्षा
प्रतिभा सत्पथी – साहित्य और शिक्षा
रामदरश मिश्रा – साहित्य और शिक्षा
रेंथले लालरावण – साहित्य और शिक्षा
संत राम देसवाल – साहित्य और शिक्षा
सीनी विश्वनाथन – साहित्य और शिक्षा
शीन काफ निज़ाम – साहित्य और शिक्षा
स्टीफन नैप – साहित्य और शिक्षा
सैयद ऐनुल हसन – साहित्य और शिक्षा
तुषार दुर्गेशभाई शुक्ला – साहित्य और शिक्षा
वदिराज राघवेंद्राचार्य पंचमुखी – साहित्य और शिक्षा
अरुंधति भट्टाचार्य – व्यापार और उद्योग
भिमाव्वा दौड्डबलप्पा शिल्लेक्यथारा – सामाजिक कार्य
जुमदे योमगम गमलिन – सामाजिक कार्य
के. दामोदरन – सामाजिक कार्य
के. ओमानाकुट्टी अम्मा – कला
विजय नित्यानंद सूरिश्वर जी महाराज – आध्यात्मिकता

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials) अरबिंद शैक्षणिक रूप से भी पत्रकारिता और क्षेत्रीय विषयों के गहरे जानकार हैं:

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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