महाकुंभ मेला 2025 पर रहेगी 'तीसरी आंख' की नजर, घोड़ों से जवान करेंगे गश्त

Prayagraj Maha Kumbh 2025 preparation: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ की तैयारी युद्ध स्तर पर जारी है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर खास ध्यान दिया जा रहा है.

Prayagraj MahaKumbh 2025 preparation: यूपी के प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक महाकुंभ की सुरक्षा अभूतपूर्व की गई है. मेला परिसर में चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. साथ ही सुरक्षाकर्मी घोड़ों की मदद से पूरे इलाके की गश्ती करेंगे. एडीजी कानून व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया, “आज मैंने पूरी टीम के साथ सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की. फेस रिकग्निशन और अन्य सुविधाओं से लैस सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. लाइटिंग की पूरी व्यवस्था की गई है. किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए जवान लगातार अभ्यास कर रहे हैं.”

प्रयागराज रेलवे स्टेशन को चित्रों से सजाया गया

महाकुंभ से पहले प्रयागराज रेलवे स्टेशन की तैयारी पर उत्तर मध्य रेलवे के सीआरपीओ शशिकांत त्रिपाठी ने कहा, “महाकुंभ 2025 नजदीक आ रहा है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु आस्था के संगम में डुबकी लगाएंगे. कई श्रद्धालु यहां पहुंचने के लिए विशेष रूप से प्रयागराज और आसपास के स्टेशनों से परिवहन के लिए रेलवे का उपयोग करेंगे. हमारा उद्देश्य कुंभ की प्राचीन सनातन परंपरा को प्रदर्शित करके प्रयागराज आने वाले श्रद्धालुओं के आध्यात्मिक अनुभव को बढ़ाना है. आगंतुकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए रेलवे परिसर को कुंभ से संबंधित चित्रों से सजाया गया है.”

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प्रयागराज में ये होगा खास

  • प्रयागराज में टेंट सिटी का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर हो रहा है. प्रयागराज मेला प्राधिकरण 20,000 श्रद्धालुओं और 5,000 विशिष्ट जनों के लिए टेंटे का निर्माण कर रहा है.
  • महाकुंभ में पहली बार पांटून पुल की संख्या 22 से बढ़ाकर 30 की गई है, जिसमें से 20 पांटून पुल पूरी तरह से तैयार हैं, जबकि बाकी का निर्माण कार्य 30 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा.
  • मेला क्षेत्र में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जाएगी. जिसके लिए 400 केवी के 85 सबस्टेशन में से 77 स्थापित किए जा चुके हैं. इसके अलावा, 250 KV और 100 KV.
  • मेला क्षेत्र में लगभग 48000 एलईडी लाइट लगाई गई हैं.
  • मेले में पहली बार गंगा का रिवर फ्रंट और पक्के घाट देखने को मिलेंगे.
  • स्वास्थ्य विभाग ने 100 बिस्तर का एक अस्थायी अस्पताल स्थापित किया है.
  • मेला क्षेत्र में 651 किलोमीटर क्षेत्र में ‘चकर्ड प्लेट’ बिछनी है, जिसमें से अब तक 330 किलोमीटर क्षेत्र में यह बिछाई जा चुकी है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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