शनिवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है. प्रह्लाद जोशी ने रविवार को शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभाल लिया और विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक भी की. प्रह्लाद जोशी उपभोक्ता मामलों के मंत्री हैं. शिक्षा मंत्रालय का एडिशनल चार्ज लेने के बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मीडिया से कहा कि प्रधानमंत्री ने पूरे भरोसे के साथ मुझे यह जिम्मेदारी सौंपी है. मैं कल कर्नाटक में था. मैं कल रात यहां पहुंचा और आज सुबह चार्ज लेने आया. मैंने चार्ज संभाल लिया है.
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि मैं अभी पूरे कार्यों की समीक्षा कर रहा हूं. मैं जानकारी इकट्ठा कर रहा हूं और पूरे मंत्रालय के कामकाज को समझने की कोशिश कर रहा हूं. आज हमारी लगातार मीटिंग्स हुईं. यह मेरे लिए एक नया विभाग है, बहुत बड़ा डिपार्टमेंट है, इसलिए इसे पूरी तरह समझने के बाद मैं आपसे डिटेल में बात करूंगा.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ी थी कॉकरोच जनता पार्टी
नीट पेपर लीक के बाद देशभर में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया. उनकी तीन प्रमुख मांगें थी, जिनमें से सर्वप्रमुख था शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा. छात्रों के प्रतिनिधियों और सरकार के बीच हुई बातचीत के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा सौंप दिया. उनके इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया.
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा-राष्ट्रविरोधी ताकतों को रोकने के लिए दिया इस्तीफा
अपने इस्तीफे में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि इस्तीफा देना उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है. देश में पिछले कुछ दिनों से जो कुछ हो रहा है, उससे वे बहुत दुखी हैं. वे यह नहीं चाहते हैं कि राष्ट्रविरोधी ताकतों को इस अवसर का लाभ उठाने का मौका मिले, इसलिए वे अपना इस्तीफा सौंप रहे हैं. उन्होंने कहा था कि उन्होंने नीट पेपर लीक के बाद हर जरूरी कदम उठाएं थे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी की थी.
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