दरिंदे पिता को POCSO कोर्ट ने सुनाई 120 साल की कैद, रिश्ते तार-तार करने की मिली सजा

केरल के मंजेरी POCSO कोर्ट ने दो नाबालिग बहनों के यौन शोषण के मामले में उनके सौतेले पिता को 120 साल की जेल की सजा सुनाई है. इस दरिंदगी ने पिता और पुत्री जैसे पवित्र रिश्ते को तार-तार कर दिया. इंसानियत को शर्मसार करने वाले इस अपराध पर कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाते हुए आरोपी को कड़ी सजा दी.

केरल के मंजेरी POCSO कोर्ट का यह फैसला सिर्फ एक कानूनी सजा नहीं, बल्कि उन मासूम बच्चों के दर्द और न्याय की पुकार का जवाब है, जिनका बचपन घर की चारदीवारी के भीतर ही छीन लिया गया. 11 और 12 साल की दो नाबालिग बहनों के साथ उनके ही सौतेले पिता द्वारा किए गए यौन शोषण के मामले में अदालत ने 120 साल की सजा सुनाकर यह संदेश दिया है कि बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों के प्रति समाज और कानून दोनों बिल्कुल भी नरम नहीं रह सकते. यह फैसला उन तमाम पीड़ित बच्चों के लिए उम्मीद की किरण है, जो न्याय की आस में जीते हैं.

8 साल पहले पिता ने छोड़ा था साथ

सरकारी वकील के मुताबिक, पीड़ित बच्चियों के जैविक पिता ने घटना से करीब 8 साल पहले उन्हें छोड़ दिया था. इसके बाद उनकी मां ने आरोपी से शादी कर ली. शादी के बाद आरोपी ही दोनों बच्चियों का सौतेला पिता बना और परिवार एक ही घर में रहने लगा.

अनाथालय में रहकर पढ़ाई करती थीं बच्चियां

दोनों बहनों को पढ़ाई के लिए एक अनाथालय में दाखिल कराया गया था. वे वहीं रहकर पढ़ाई करती थीं और स्कूल की छुट्टियों के दौरान अपने घर वापस आती थीं. आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने बच्चियों को अपना शिकार बनाया.

मार्च 2023 से जून 2025 तक शोषण का आरोप

अभियोजन पक्ष के अनुसार, मार्च 2023 से जून 2025 के बीच जब भी दोनों बहनें छुट्टियों में घर आती थीं, आरोपी ने कथित तौर पर कई बार उनका यौन शोषण किया. मामले की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज किया.

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By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

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