15 सितंबर 2026 की शाम उत्तरी अरब सागर में भारतीय नौसेना का युद्धपोत INS कोलकाता और पाकिस्तानी नौसेना के PNS हुनैन के बीच टक्कर हुई. भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, INS कोलकाता नियमित निगरानी अभियान पर था और इसी दौरान PNS हुनैन ने उसके करीब आकर खतरनाक तरीके से ओवरटेक करने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों जहाज टकरा गए. भारत ने इस घटना पर पाकिस्तान के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है.
रिपोर्ट के अनुसार, इस टक्कर में INS कोलकाता को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ लेकिन दूसरी तरफ PNS हुनैन को नुकसान पहुंचा और उसे बंदरगाह लौटना पड़ा है.जिसके बाद लोग गूगल पर दोनों की ताकत की तुलना कर रहे हैं.
किस तरह का जहाज है PNS हुनैन ?
- PNS हुनैन को आधिकारिक तौर पर ऑफशोर पेट्रोल वेसल यानी OPV के तौर पर पेश किया गया है. जिसका मतलब होता है कि ये एक छोटे युद्धपोतों की सीरीज का जहाज है.
- यह यारमूक-क्लास के दूसरे बैच का पहला जहाज है और डच कंपनी डेमन शिपयार्ड्स के OPV 2600 डिजाइन पर आधारित है. इसे रोमानिया के गलाती स्थित डेमन शिपयार्ड में बनाया गया था.
- जहाज को 12 सितंबर 2023 को लॉन्च किया गया था और जुलाई 2024 में पाकिस्तानी नौसेना में शामिल किया गया. इसके बाद इसी डिजाइन का दूसरा जहाज PNS यमामा भी पाकिस्तान को सौंपा गया.
- PNS हुनैन की लंबाई करीब 98 मीटर और चौड़ाई लगभग 14.4 मीटर है. इसका विस्थापन (Displacement of a ship) करीब 2,600 टन बताया जाता है.
- इसमें चार डीजल इंजन और दो कंट्रोलेबल-पिच प्रोपेलर लगाए गए हैं. इसकी अधिकतम रफ्तार करीब 24 नॉट, यानी लगभग 44-45 किलोमीटर प्रति घंटा है.
- इस जहाज की एक बड़ी खासियत इसकी लंबी समुद्री रेंज है. उपलब्ध तकनीकी जानकारी के मुताबिक यह करीब 6,000 नॉटिकल मील तक की दूरी तय कर सकता है, हालांकि यह आंकड़ा समुद्री परिस्थितियों और संचालन की गति पर निर्भर करता है.
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हथियारों के साथ इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर क्षमता
- PNS हुनैन को बहुउद्देश्यीय प्लेटफॉर्म (Multi-purpose platform)के तौर पर तैयार किया गया है. पाकिस्तान नौसेना के मुताबिक इसमें एंटी-शिप और एंटी-एयर वॉरफेयर क्षमता, टर्मिनल डिफेंस सिस्टम और एडवांस इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम मौजूद हैं.
- उपलब्ध रिपोर्ट में इसके पास संभावित हथियारों में एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम, 30 मिमी रिमोट वेपन सिस्टम और 12.7 मिमी मशीन गन स्टेशन का उल्लेख मिलता है. हालांकि, हर हथियार की सटीक कॉन्फिगरेशन की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है.
- PNS हुनैन सिर्फ हथियारों के लिए नहीं बनाया गया है. इसे समुद्री निगरानी, सुरक्षा अभियान, खोज एवं बचाव और दूसरे लंबे मिशनों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, जहाज पर हेलीकॉप्टर संचालन(Operations ) की सुविधा है और इसमें अतिरिक्त नौसैनिक दल तथा दूसरी मिशन जरूरतों के लिए जगह भी रखी गई है.
PNS हुनैन की तुलना में कितना ताकतवर है INS कोलकाता ?
- अब बात INS कोलकाता की. यह भारतीय नौसेना का गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर और प्रोजेक्ट 15ए के कोलकाता-क्लास का प्रमुख जहाज है. इसकी लंबाई 164 मीटर, फुल-लोड विस्थापन करीब 7,400 टन और अधिकतम गति 30 नॉट से ज्यादा है. यानी आकार और विस्थापन के मामले में यह PNS हुनैन से काफी बड़ा है.
- INS कोलकाता की प्रमुख ताकत इसकी हथियार और सेंसर प्रणालियां हैं. इसमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल, एलआरएसएएम एयर डिफेंस सिस्टम और एमएफ-स्टार रडार मौजूद हैं. नजदीकी हवाई और सतही खतरों से बचाव के लिए 76 मिलीमीटर की नौसैनिक तोप और एके-630 क्लोज-इन वेपन सिस्टम भी लगाया गया है.
- इसके अलावा जहाज में सोनार, टॉरपीडो लॉन्चर और एंटी-सबमरीन रॉकेट सिस्टम जैसी पनडुब्बी रोधी क्षमताएं हैं. इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम और कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम इसके अलग-अलग सेंसर और हथियारों को एक साथ काम करने में मदद करते हैं. INS कोलकाता दो सी किंग या चेतक हेलीकॉप्टर संचालित करने में भी सक्षम है.
दोनों जहाजों में असली अंतर क्या है?
सीधे शब्दों में कहें तो PNS हुनैन मुख्य रूप से बहुउद्देश्यीय समुद्री निगरानी और सुरक्षा अभियानों के लिए बना ओपीवी है, जबकि INS कोलकाता एक बड़े गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर की श्रेणी में आता है. दोनों जहाजों का आकार, डिजाइन, भूमिका और हथियार क्षमता अलग-अलग है.
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