PMCH: नवादा निवासी 13 साल की परिधि (बदला हुआ नाम) के गर्दन पर भारी सामान गिर गया था. हादसे में गर्दन की हड्डी टूट गई थी, जिससे रीढ़ की नस पर दबाव पड़ने के कारण उसके दोनों पैरों ने काम करना बंद कर दिया था. हमने सर्जरी के दौरान नस पर पड़ रहे दबाव को हटाया और सर्वाइकल स्पाइन का आवश्यक उपचार किया. उम्मीद है दो माह में उसके सामान्य जीवन में लौटने की उम्मीद है.
वहीं पटना निवासी कल्पना देवी (बदला हुआ नाम) पिछले तीन-चार वर्षों से कमर दर्द, बाएं पैर में कमजोरी, झुनझुनी और चलने में परेशानी से पीड़ित थीं. जांच में एल-4 और एल-5 कशेरुकाओं के बीच स्थित डिस्क में गंभीर दबाव पाया गया. सर्जरी के दौरान दबावग्रस्त डिस्क को हटाकर नसों को हटाया गया तथा एल-4 और एल-5 कशेरुकाओं का फ्यूजन किया गया. मरीज की ट्रांसफोरामिनल इंटरबॉडी फ्यूजन (टीएलआईएफ) सर्जरी सफल रही.
दोनों सर्जरी प्रो. डॉ. महेश प्रसाद के नेतृत्व में डॉ. सौरभ, डॉ. चांद, डॉ. राहुल, डॉ. नीतीश, डॉ. सैफ, डॉ. विवेक प्रियदर्शी तथा एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. सुदामा प्रसाद की टीम ने की. प्रो. महेश प्रसाद ने बताया कि इस प्रकार की अत्याधुनिक स्पाइन सर्जरी पीएमसीएच में निशुल्क की जा रही है. उन्होंने कहा कि पीएमसीएच के प्राचार्य डॉ. एनपी सिंह, अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह तथा हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश चौधरी के सहयोग और प्रोत्साहन से मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है.
पीएमसीएच में बनेगी स्पाइन रोग की सुपर स्पेशियलिटी यूनिट, मिली मंजूरी
पीएमसीएच के हड्डी रोग विभाग के अंतर्गत स्पाइन की स्वतंत्र सुपर-स्पेशियलिटी यूनिट स्थापित करने की स्वीकृति मिली है. स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए 39 पदों के सृजन को मंजूरी दी है. यूनिट शुरू होने के बाद जटिल स्पाइन और ट्रॉमा रोगों के इलाज की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी. मरीजों को मिनिमल इनवेसिव सर्जरी, एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी, स्पाइनल विकृतियों के उपचार, कूबड़पन रोग तथा टीबी स्पाइन सर्जरी जैसी सेवाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी. इससे राज्य के मरीजों को बेहतर और विशेषीकृत उपचार का लाभ मिलेगा. बिहार – झारखंड में यह पहला मेडिकल कॉलेज होगा जहां स्पाइन का स्वतंत्र यूनिट बनेगा.
