पीएम नरेंद्र मोदी ने किया नारी शक्ति का वंदन, कहा-सबका धन्यवाद, जिन्होंने मुझे इतिहास बनाने का अवसर दिया

नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए देश में महिलाओं की स्थिति में युगांतकारी बदलाव आएगा. बीजेपी तीन दशक से यह प्रयास कर रही थी कि देश में महिलााओं को राजनीति में भागीदारी मिले. यह हमारा संकल्प था, जिसे हमने पूरा किया. इसे पूरा करने में कई बाधाएं आईं, लेकिन हमारी नीयत सच्ची थी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि मैं उन कोटि-कोटि जन का धन्यवाद देना चाहता हूं कि जिन्होंने मुझे इतिहास बनाने का अवसर दिया. मैं संसद से महिला आरक्षण बिल पास होने पर हर माता और बहन को बधाई देना चाहता हूं. आज पूरे देश की महिलाएं खुशी मना रही हैं और हमें आशीर्वाद दे रही हैं. महिला आरक्षण बिल पास होने से उनका आत्मविश्वास चरम पर है. नारी शक्ति वंदन अधिनियम सामान्य कानून नहीं बल्कि यह नए भारत के गठन के लिए उठाया गया मजबूत कदम है. काफी लंबे समय से जो सपना देखा जा रहा था वह आज पूर्ण हुआ है. ये नए भारत की नई लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता का उद्घोष है. पीएम मोदी ने कहा कि यह अमृतकाल में सबके प्रयास से विकसित भारत के निर्माण की तरफ बढ़ा कदम है.


देश में महिलाओं को राजनीति में भागीदारी मिलेगी

नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए देश में महिलाओं की स्थिति में युगांतकारी बदलाव आएगा. बीजेपी तीन दशक से यह प्रयास कर रही थी कि देश में महिलाओं को राजनीति में भागीदारी मिले. यह हमारा संकल्प था, जिसे हमने पूरा किया. इसे पूरा करने में कई बाधाएं आईं, लेकिन हमारी नीयत सच्ची थी, यही वजह है कि हम इस संकल्प को पूरा कर पाए. संसद में सभी पार्टियों ने राजनीति से ऊपर उठकर अपना समर्थन इस बिल को दिया. मैं इसके लिए उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूं. ज्ञात हो कि संसद से महिला आरक्षण बिल पारित किए जाने की खुशी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बीजेपी मुख्यालय में महिला कार्यकर्ताओं ने अभिनंदन समारोह आयोजित किया है. पीएम मोदी जब बीजेपी मुख्यालय पहुंचे तो उनका भव्य स्वागत किया गया. इस अवसर पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि यह ऐतिहासिक मौका है, यह दिन इतिहास में दर्ज हो गया है.


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नारी शक्ति वंदन अधिनियम का पारित होना गर्व का विषय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कभी-कभी किसी निर्णय में देश के भाग्य को बदलने की क्षमता होती है. महिला आरक्षण बिल में उसी तरह की ताकत है. आज हम सभी ऐसे ही एक निर्णय के साक्षी बने हैं. कोटि-कोटि माताओं, बहनों के सपने को पूरा करने का सौभाग्य हमारी भाजपा सरकार को मिला है. इसलिए राष्ट्र को सर्वप्रथम मानने वाली पार्टी के रूप में भाजपा कार्यकर्ता के रूप में एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में ये हमारे लिए गर्व का विषय है.

पीएम मोदी ने महिलाओं के पैर छूकर उनसे आशीर्वाद लिया

पीएम मोदी ने अपने अभिनंदन कार्यक्रम में कहा कि पिछले 9 वर्षों में हमने माताओं-बहनों से जुड़ी हर बंदिश को तोड़ने का प्रयास किया है. हमारी सरकार ने एक के बाद एक ऐसी योजनाएं बनाई, ऐसे कार्यक्रम शुरू किए हैं, जिससे हमारी बहनों को सम्मान, सुविधा, सुरक्षा और समृद्धि का जीवन मिले. नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत को विकसित बनाने के लिए आज भारत नारी शक्ति को खुला आसमान दे रहा है. आज देश, माताओं-बहनों-बेटियों के सामने आने वाली हर अड़चन को दूर कर रहा है. प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर नारी शक्ति का वंदन करने के लिए आम महिलाओं के पैर छूकर उनसे आशीर्वाद लिया और यह संदेश दिया कि भारत में महिलाएं पूजनीय हैं, उनका सम्मान है.

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लेखक के बारे में

Author: Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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