BrahMos Missile: 'ब्रह्मोस ने पाकिस्तान में मचाया तांडव,' पीएम मोदी ने स्वदेशी हथियारों की सराहना की

BrahMos Missile: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त को वाराणसी पहुंचकर एक सभा को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल के निर्माण कार्य का उल्लेख किया. यह भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत बनाने में एक महत्वपूर्ण कदम है.

BrahMos Missile: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे. पीएम मोदी ने यहां करीब 2,200 करोड़ की अलग-अलग विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया. यहां उन्होंने एक सभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल के निर्माण कार्य का जिक्र किया. बता दें कि ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण संयंत्र का औपचारिक शुभारंभ 11 मई को किया जा चुका है.

ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण संयंत्र

जानकारी के मुताबिक, ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण संयंत्र को विकसित करने के लिए सरकार द्वारा 300 करोड़ का बजट पारित किया गया है. इस परियोजना के लिए राज्य सरकार ने लखनऊ में 80 हेक्टेयर जमीन मुफ्त में प्रदान की है. बताया जा रहा है कि संयंत्र में ब्रह्मोस मिसाइल के अलावा अन्य रक्षा उपकरणों और एयरोस्पेस तकनीकी उपकरणों का भी उत्पादन किया जाएगा.

रोजगार के अवसर

इस संयंत्र से लगभग 500 से ज्यादा इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों को रोजगार मिल सकेगा. इसके अलावा, हजारों स्किल्ड, सेमी स्किल्ड और सामान्य श्रमिकों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे.

किस कंपनी को दी गई है संयंत्र बनाने की जिम्मेदारी

ब्रह्मोस मिसाइल को BrahMos Aerospace नाम की कंपनी बना रही है, जो भारत और रूस की साझेदारी में बनाई गई है. यह कंपनी भारत की DRDO और रूस की सरकारी संस्था NPO Mashinostroyeniya के साथ मिलकर काम कर रही है. इस प्रोजेक्ट में भारत की हिस्सेदारी 50.5% और रूस की 49.5% है. यह पहली ऐसी मिसाइल है जिसे भारत ने किसी विदेशी देश के साथ मिलकर बनाया है.

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Author: Neha Kumari

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