पीएम मोदी का फिल्मी अंदाज: कहा- भारत-इंडोनेशिया के मिलने से 'कुछ कुछ' नहीं, 'बहुत कुछ होता है'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में आयोजित एक भव्य कम्युनिटी इवेंट में भारतीय प्रवासियों को संबोधित किया. इस दौरान पीएम मोदी ने अपने चिरपरिचित अंदाज में बॉलीवुड के हवाले से दोनों देशों के रिश्तों की गहराई को बयां किया. उन्होंने कहा, "मैंने देखा है कि यहां बॉलीवुड का गाना 'कुछ कुछ होता है' बेहद लोकप्रिय है. आज मैंने राष्ट्रपति प्राबोवो से भी कहा कि जब भारत और इंडोनेशिया मिलकर आगे बढ़ते हैं, तो यह सिर्फ 'कुछ कुछ' तक सीमित नहीं रहता; बल्कि इससे 'बहुत कुछ है.

PM Modi Speech: पीएम मोदी ने इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान का जिक्र करते हुए कहा, "आज मुझे इंडोनेशिया के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित होने का सौभाग्य मिला. यह सम्मान मेरा नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों और यहां रह रहे आप सभी प्रवासी भाई-बहनों का है. यह पुरस्कार दोनों देशों के बीच अटूट और गहरी दोस्ती का एक और जीवंत प्रतीक है." उन्होंने राष्ट्रपति प्राबोवो को भारत का सच्चा दोस्त बताते हुए इंडोनेशियाई जनता से मिले प्यार के लिए आभार जताया.

राष्ट्रपति प्राबोवो के बयान की तारीफ: "हम दोनों में एक ही DNA"

पीएम मोदी ने राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के पुराने बयान को याद करते हुए कहा, "माननीय राष्ट्रपति जी, आपने पहले भी कहा था और आज फिर दोहराया कि आपमें भारत का DNA है. आपकी इस बात पर आज भी सबसे जोरदार तालियां बजी हैं. आपके इस एक वाक्य ने करोड़ों भारतीयों के दिलों को छू लिया है." पीएम ने आगे जोड़ा कि यह DNA किसी प्रयोगशाला का नहीं, बल्कि आपसी भरोसे, साझा संस्कृति और सदियों पुरानी साझी विरासत से बना DNA है.


भौगोलिक रूप से भी हम पड़ोसी: केवल 150 किमी की दूरी

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया सिर्फ दिल से ही करीब नहीं हैं, बल्कि हम पड़ोसी भी हैं. भारत के 'ग्रेट निकोबार द्वीप' और इंडोनेशिया के 'आचेह' प्रांत के बीच की दूरी महज 150 किलोमीटर है. इंडोनेशिया का यह इलाका भारत के किसी द्वीप के उतना ही करीब है, जितना भारत के अपने कुछ राज्य आपस में हैं।.

पीएम मोदी ने भारत की प्रगति की कहानी सुनाई

प्रधानमंत्री ने भारत में चल रही कल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के बारे में जानकारी दी.

स्टील इतना कि बन जाएं 40 एफिल टावर, भारत की नई रिफाइनरी पर बोले पीएम

पीएम मोदी ने बताया कि बीते 4 जुलाई को भारत ने एक विशाल रिफाइनरी का उद्घाटन किया है. इसका पैमाना बताते हुए उन्होंने कहा, "इसमें इतना स्टील लगा है कि उससे 40 नए एफिल टावर या 5 बुर्ज खलीफा खड़े किए जा सकते हैं. वहीं, इसमें इस्तेमाल हुई केबल की लंबाई इतनी है कि उससे पूरी पृथ्वी को दो बार लपेटा जा सकता है. आज भारत रिफाइनिंग क्षमता में दुनिया के टॉप 4 देशों में शामिल है."

कॉफी से भी कम दाम में जीवन बीमा

पीएम मोदी ने सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की तारीफ करते हुए कहा- 'प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना' के तहत मात्र 20 रुपये सालाना प्रीमियम पर 2 लाख का एक्सीडेंटल कवर मिल रहा है, जिससे 60 करोड़ लोग जुड़े हैं. वहीं, 'प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना' रोजाना सिर्फ 1.50 रुपये (एक कप कॉफी से भी कम) के प्रीमियम पर लाइफ इंश्योरेंस देती है.


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लेखक के बारे में

By Arbindkumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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