PM Modi Tweet: पीएम मोदी के ट्वीट से परेशान हुए यूजर्स, प्रधानमंत्री के पोस्ट में छिपा है बड़ा संदेश

PM Modi Tweet: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ भी करते हैं, तो उसकी चर्चा लंबे समय तक होती है. इस समय उन्होंने एक्स पर ऐसा पोस्ट कर दिया, जिससे यूजर्स परेशान हो गए हैं. लोग कमेंट्स कर पोस्ट का मतलब पूछ रहे हैं. एक यूजर्स ने तो परेशान होकर लिख दिया, ‘ये क्या लिख दिया प्रभु.’ अगर आप भी पीएम मोदी के ट्वीट का मतलब नहीं समझे हैं तो, परेशान होने की जरूरत नहीं है. हम आपको उसका अर्थ यहां समझाएंगे.

PM Modi Tweet: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट डाला है, जिसकी भाषा किसी को समझ में नहीं आ रही है. यूजर्स परेशान होकर तरह-तरह के कमेंट्स कर रहे हैं. लेकिन जब आप प्रधानमंत्री के पोस्ट का अर्थ समझेंगे, तो उनकी प्रशंसा करने लगेंगे. दरअसल पीएम मोदी ने ट्वीट कर संताल हूल क्रांति के महानायकों को याद किया है. पीएम ने संताली भाषा की लिपी (ओलचिकी) में अपना संदेश पोस्ट किया है.

क्या है प्रधानमंत्री मोदी के पोस्ट का अर्थ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पोस्ट में लिखा, “हूल क्रांति दिवस हमें मूलनिवासियों के साहस और अद्भुत प्रतिरोध की याद दिलाता है. ऐतिहासिक संताल क्रांति से जुड़े सिदो, कान्हू, चांद भैरव और फूलो-झानो को हम सम्मान करते हैं. जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में अपने प्राणों की आहुति दे दी. सभी वीर क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि देते हैं. उनकी कहानी देश के सभी नागरिकों को देश के सम्मान की रक्षा के लिए प्रेरित करेगी.”

पूरा देश मना रहा हूल दिवस

हूल दिवस 1855-56 में ब्रिटिश शासन के खिलाफ हुए संताल विद्रोह की याद में मनाया जाता है. आदिवासी सिदो और कान्हू मुर्मू दो भाई थे, जिन्होंने संथाल हूल नामक विद्रोह का नेतृत्व किया था. यह विद्रोह झारखंड में हुआ था. यह विद्रोह भोगनाडीह गांव से शुरू हुआ था. इस विद्रोह का उद्देश्य ब्रिटिश और स्थानीय जमींदारों द्वारा संताल लोगों के शोषण के खिलाफ आवाज उठाना था.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हूल विद्रोह के नायकों को किया याद

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “हूल विद्रोह के महान नायकों, अमर शहीद सिदो और कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो एवं अन्य वीर शहीदों के संघर्ष एवं बलिदान को नमन। स्वतंत्रता संग्राम से पहले हूल विद्रोह के हमारे नायकों ने अंग्रेजी हुकूमत और महाजनों के शोषण एवं अत्याचार के खिलाफ तथा जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए आदिवासी अस्मिता की मशाल जलाई थी.” उन्होंने कहा कि बहादुर पूर्वजों की शिक्षाएं हमेशा लोगों को न्याय और आत्मसम्मान के लिए प्रेरित करती रहेंगी. सोरेन ने कहा, “अमर वीर शहीद सिदो और कान्हू अमर रहें! झारखंड के वीर शहीद अमर रहें! जय झारखंड!”

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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