राजधानी दिल्ली इन दिनों दुनिया की बड़ी कूटनीतिक हलचलों का केंद्र बनी हुई है. भारत की मेजबानी में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की शुरुआत आज (12 सितंबर) से हो रही है. सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को चलेगा. इससे पहले शुक्रवार को BRICS बिजनेस फोरम में लीडर्स सेशन के दौरान सामने आई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के साथ मुलाकातों की तस्वीरें चर्चा में हैं.
तस्वीरों में प्रधानमंत्री मोदी का नेताओं के साथ सहज अंदाज नजर आया. कहीं उन्होंने पुतिन का गर्मजोशी से स्वागत किया तो कहीं ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान के साथ हाथ थामे बातचीत करते दिखाई दिए. इन तस्वीरों को सिर्फ व्यक्तिगत केमिस्ट्री तक सीमित करके देखने से बेहतर है इन मुलाकातों के पीछे व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति जैसे अहम मुद्दे को देखना.
पुतिन के साथ करीब 45 मिनट चली बातचीत
प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की 11 सितंबर को दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक हुई. दोनों नेताओं ने भारत-रूस संबंधों को और मजबूत करने के साथ व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, बुनियादी ढांचे, महत्वपूर्ण खनिजों और दूसरे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की. भारत और रूस ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक ले जाने की दिशा में काम करने की बात भी आगे बढ़ाई है.
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर संघर्षों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए करने की भारत की नीति दोहराई. रूस और भारत के बीच लंबे समय से चली आ रही विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में और मजबूत करने पर भी जोर रहा.
पुतिन को PM ने दिया खास तोहफा
मोदी और पुतिन की मुलाकात का एक खास पल वह रहा, जब प्रधानमंत्री ने रूसी राष्ट्रपति को तमिल के महान संत और कवि तिरुवल्लुवर की प्रसिद्ध रचना तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट किया.
प्रधानमंत्री ने खुद बताया कि यह पुस्तक भाषाओं और सीमाओं से परे तिरुवल्लुवर की ज्ञान परंपरा को सामने रखती है. इस तोहफे को दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है.
ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान के साथ दिखी अलग बॉन्डिंग
रूसी राष्ट्रपति के साथ बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के साथ भी द्विपक्षीय बातचीत की. दोनों नेताओं की यह कुछ ही समय में दूसरी मुलाकात है. इससे पहले दोनों की मुलाकात अगस्त के अंत में शंघाई सहयोग संगठन की बैठक के दौरान हुई थी.
बैठक में पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा हुई. प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा कि विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीति के रास्ते से होना चाहिए. इसके साथ ही समुद्री रास्तों की सुरक्षा, व्यापारिक जहाजों की आवाजाही और समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी भारत की चिंता सामने रखी गई.
तस्वीरों में मोदी और पेजेशकियान का सहज अंदाज भी लोगों का ध्यान खींच रहा है. दोनों नेताओं को बातचीत के दौरान हाथ थामे देखा गया. सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों को लेकर दोनों नेताओं की केमिस्ट्री की चर्चा तेज है.
ब्रिक्स में दिखी भारत की कूटनीतिक पहुंच
ब्रिक्स अब पहले के मुकाबले काफी बड़ा समूह बन चुका है. 2026 में इसके 11 सदस्य हैं, ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात. भारत इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और नई दिल्ली में 12–13 सितंबर को 18वें शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है.
भारत की इस साल की अध्यक्षता का मुख्य विषय सुदृढ़ता, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण है. ब्रिक्स के एजेंडे में व्यापार, वित्त, तकनीक, विकास और ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दे प्रमुख हैं.
दिल्ली में जुट रही दुनिया की बड़ी ताकतें
ब्रिक्स सम्मेलन के लिए विदेशी नेताओं का दिल्ली पहुंचना जारी है. रूस के राष्ट्रपति पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान के अलावा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई देशों के नेता और प्रतिनिधि इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं. ऐसे समय में जब दुनिया यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में तनाव, ऊर्जा और वैश्विक व्यापार जैसी चुनौतियों से गुजर रही है, दिल्ली में होने वाली बैठकों पर पूरी दुनिया की नजर है.
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