समान नागरिक संहिता पर पीएम मोदी की दो टूक- वोट बैंक के भूखे लोग कर रहे UCC का गलत इस्तेमाल

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, समान नागरिक संहिता (UCC) के नाम पर लोगों को भड़काने का काम हो रहा है. देश दो कानूनों पर कैसे चल सकता है? भारत के संविधान में भी नागरिकों के समान अधिकार की बात कही गई है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल में ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस सहित सभी विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधा. उन्होंने इस दौरान समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर भी विपक्ष को आड़े हाथ लिया. पीएम मोदी ने कहा, वोट बैंक के भूखे लोग इसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं.

UCC के नाम पर लोगों को भड़काने का काम हो रहा : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, समान नागरिक संहिता (UCC) के नाम पर लोगों को भड़काने का काम हो रहा है. देश दो कानूनों पर कैसे चल सकता है? भारत के संविधान में भी नागरिकों के समान अधिकार की बात कही गई है…सुप्रीम कोर्ट ने बार-बार कहा है कि समान नागरिक संहिता (UCC) लाओ लेकिन ये वोट बैंक के भूखे लोग हैं.

वोटबैंक के भूखे लोगों ने मुसलमानों का शोषण किया

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, वोट बैंक की राजनीति करने वालों ने पसमांदा मुसलमानों का शोषण किया है लेकिन उनकी कभी चर्चा नहीं हुई. उन्हें आज भी बराबरी का हक नहीं मिलता. भारत के मुसलमान भाई बहनों को ये समझना होगा कि कौन से राजनीतिक दल उनको भड़का कर उनका राजनीतिक फायदा ले रहे हैं. हम देख रहे हैं कि यूनिफॉर्म सिविल कोड के नाम पर ऐसे लोगों को भड़काने का काम हो रहा है. एक घर में एक सदस्य के लिए एक कानून हो और दूसरे के लिए दूसरा तो घर चल पायेगा क्या? तो ऐसी दोहरी व्यवस्था से देश कैसे चल पाएगा?

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तीन तलाक से केवल बेटियों पर अन्याय नहीं होता…पूरे परिवार तबाह हो जाते हैं : मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन तलाक पर चर्चा करते हुए कहा, जो भी तीन तलाक के पक्ष में बात करते हैं, जो भी इसकी वकालत करते हैं… वो वोट बैंक के भूखे लोग मुस्लिम बेटियों के साथ बहुत बड़ा अन्याय कर रहे हैं. तीन तलाक से केवल बेटियों पर अन्याय नहीं होता…पूरे परिवार तबाह हो जाते हैं. मैं समझता हूं कि मुसलमान बेटियों पर तीन तलाक का फंदा लटका कर कुछ लोग उन पर हमेशा अत्याचार करने की खुली छूट चाहते हैं. अगर तीन तलाक इस्लाम का जरूरी अंग है तो कतर, जॉर्डन, इंडोनेशिया जैसे देशों में क्यों इसको बंद कर दिया.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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