Operation Sindoor: आतंकियों को मिट्टी में मिलाने के बाद राष्ट्रपति से मिले PM Modi, ऑपरेशन सिंदूर के बारे में दी जानकारी

Operation Sindoor: भारतीय सेना ने पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेते हुए मंगलवार देर रात पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में 9 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किये. जिनमें आतंकवादी समूहों लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के गढ़ को ध्वस्त हो गए. जब भारतीय सेना एयर स्ट्राइक कर रही थी, उस समय पीएम मोदी रात भर जगकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर नजर बनाए हुए थे. ऑपरेशन खत्म होने और आतंकवादियों को जहन्नुम भेजकर पीएम मोदी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने राष्ट्रपति भवन पहुंचे.

Operation Sindoor: भारत ने पहलगाम आतंकवादी हमले का बदला ले लिया. मंगलवार की रात भारतीय सेना ने पाकिस्तान और POK में एयर स्ट्राइक कर आतंकवादियों के 9 ठिकानों को तबाह कर दिया. भारत की कार्रवाई में सौकड़ों आतंकवादी मारे गए. इधर ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम देने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने बुधवार को राष्ट्रपति भवन पहुंचे. पीएम ने राष्ट्रपति से मिलकर ऑपरेशन सिंदूर की पूरी जानकारी दी. पीएम मोदी और राष्ट्रपति के बीच मुलाकात की तस्वीरें सामने आई हैं. जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे में गर्व का भाव झलक रहा है और काफी खुश नजर आ रहे हैं. 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने पहलगाम में हमला कर दिया था, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे. हमले के बाद से ही पाकिस्तान पर कड़ी कार्रवाई की मांग हो रही थी. जब भारतीय सेना पहलगाम हमले का बदला ले रही थी, उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑपरेशन सिंदूर की बारीकी से निगरानी कर रहे थे.

रात में भारतीय सेना ने आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त किया

मंगलवार देर रात तीनों सेवाओं ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान और POK में आतंकवादियों के 9 ठिकानों को ध्वस्त कर दिया. रात में ही रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर इसकी जानकारी दी थी. अपने बयान में मंत्रालय ने कहा था, “कुछ समय पहले, भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में उन आतंकवादी बुनियादी ढांचे पर हमला करते हुए ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ शुरू किया जहां से भारत के खिलाफ आतंकवादी हमलों का मंसूबा बनाया गया और इसे निर्देशित किया गया.”भारत की तरफ से बयान में कहा गया है, ” भारत की ओर से जारी बयान में बताया गया, “किसी भी पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान को निशाना नहीं बनाया गया है. भारत ने लक्ष्य के चयन और क्रियान्वयन के तरीके में काफी संयम दिखाया है.”

इन हथियारों से भारत ने आतंकवादियों को मार गिराया

भारतीय सशस्त्र बलों ने हमले में ‘स्टैंड-ऑफ’ हथियारों, ड्रोन और गोला-बारूद के साथ-साथ अन्य हथियारों का इस्तेमाल किया. भारतीय सेना ने मुरीदके, बहावलपुर, कोटली, मुजफ्फराबाद, सियालकोट और बरनाला में हमला किया.

ऑपरेशन का नाम सिंदूर क्यों दिया गया?

भारत की इस सैन्य कार्रवाई के नाम में ‘सिंदूर’ को जोड़ने का एक संदर्भ यह है कि भारतीय परंपरा में विवाहित महिलाएं अपनी मांग में सिंदूर लगाती हैं और इसे उनके सुहागन होने का एक प्रतीक माना जाता है. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम उन महिलाओं के प्रति सम्मान जताना है जिन्होंने 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में अपने पतियों को खो दिया.

भारत ने अमेरिका, रूस सहित इन देशों को ऑपरेशन की जानकारी दी

ऑपरेशन के बाद, भारत ने अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब सहित कई प्रमुख देशों से संपर्क किया और उन्हें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 9 आतंकी ठिकानों पर सैन्य हमले के बारे में जानकारी दी.

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Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

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करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

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शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials) अरबिंद शैक्षणिक रूप से भी पत्रकारिता और क्षेत्रीय विषयों के गहरे जानकार हैं:

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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