Ganga Expressway: गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ने वाली मेगा परियोजना है. लगभग 36,230 करोड़ रुपये की कुल लागत से निर्मित एक्सप्रेसवे मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा के समय को मौजूदा 10-12 घंटे से घटाकर लगभग 6 घंटे कर देगा. यह हाई-स्पीड कॉरिडोर उत्तर प्रदेश में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के साथ-साथ औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक, एग्रीकल्चर मार्केटिंग और क्षेत्रीय संतुलन को भी नयी गति देगा.
6 लेन का है एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे 6 लेन का है, जिसे आठ लेन तक बढ़ाया जा सकता है. एक्सप्रेसवे को गांवों, किसानों, उद्यमियों और युवाओं को जोड़ने वाली जीवन रेखा बताते हुए कहा कि यह विकास को गति देने और दूरियां समेटने में अहम भूमिका निभाएगा.
एक्सप्रेसवे 12 जिलों को जोड़ता है
यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज सहित 12 प्रमुख जिलों को जोड़ता है.
वायुसेना के विमान भी एक्सप्रेसवे में उतर सकते हैं
गंगा एक्सप्रेसवे की एक प्रमुख विशेषता शाहजहांपुर के पास बनी 3.2 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी है, जहां आपात स्थिति में वायुसेना के विमान उतर सकते हैं.
एक्सप्रेसवे के किनारे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर डेवलप किए जा रहे
एक्सप्रेसवे के किनारे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (आईएमएलसी) विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें बड़े गोदाम, शीतगृह और खाद्य प्रसंस्करण केंद्र जैसी सुविधाएं निवेश आकर्षित करने व रोजगार सृजन में सहायक होंगी.
गंगा एक्सप्रेसवे प्रमुख कॉरिडोर से जुड़ेगा
गंगा एक्सप्रेसवे पूर्वांचल, आगरा-लखनऊ, बुंदेलखंड और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे सहित अन्य प्रमुख कॉरिडोर से भी जुड़ेगा, जिससे एक विशाल अंतर संपर्क तंत्र तैयार होगा.
रोजगार के अवसर पैदा होंगे
गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करेगी. उत्तर प्रदेश को एक हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में अहम भूमिका निभाएगी.
अन्य खासियत
इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस)
सीसीटीवी निगरानी
इमरजेंसी कॉल बॉक्स
एम्बुलेंस की व्यवस्था
ये भी पढ़ें: पीएम मोदी ने वाराणसी में किया 14 किलोमीटर लंबा रोड शो, काशी विश्वनाथ की पूजा-अर्चना की
