प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में कहा कि सचिवों को केवल वर्तमान की समस्याओं और आंकड़ों पर ध्यान नहीं देना चाहिए, बल्कि लंबे समय को ध्यान में रखकर देश के भविष्य की योजना भी बनानी चाहिए. उन्होंने अधिकारियों से मौजूदा चुनौतियों के समाधान के साथ यह सोचने को कहा कि आने वाले वर्षों में देश को किस दिशा में आगे बढ़ाया जाए और इसके लिए अभी से क्या कदम उठाए जाने चाहिए.
मिलकर काम करना चाहिए अधिकारियों को
बैठक के बारे में pmindia.gov.in ने जानकारी शेयर की. प्रधानमंत्री मोदी ने सरकारी विभागों के अलग-अलग तरीके से काम करने की समस्या पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ काम करने की व्यवस्था की समस्या नहीं, बल्कि सोच से जुड़ा मामला भी है. प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि उन्हें अपने-अपने विभाग तक सीमित रहने के बजाय मिलकर काम करना चाहिए और अपनी जिम्मेदारी को पूरी तरह अपनाते हुए काम करना चाहिए. इससे सरकार के कामकाज में बेहतर तालमेल और नतीजे हासिल किए जा सकेंगे.
AI का इस्तेमाल बढ़ाया जाना चाहिए
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल बढ़ाया जाना चाहिए, लेकिन अंतिम फैसलों में इंसानों की समझ और विवेक भी जरूरी है. उन्होंने अधिकारियों से AI की तकनीकी क्षमता को इंसानी अनुभव और विशेषज्ञता के साथ जोड़कर इस्तेमाल करने के नए तरीके तलाशने को कहा.
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डेटा देश के लिए एक महत्वपूर्ण संपत्ति
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि डेटा देश के लिए एक महत्वपूर्ण संपत्ति है, जिसका सही इस्तेमाल भविष्य की योजनाओं में काफी मदद कर सकता है. सरकार डेटा जुटाने और उसे सुरक्षित रखने पर संसाधन खर्च करती है, लेकिन अलग-अलग विभागों की अलग व्यवस्था के कारण इसका पूरा फायदा नहीं मिल पाता. उन्होंने विभागों के बीच बेहतर तालमेल और ऐसी व्यवस्था बनाने पर जोर दिया, जिससे डेटा को आसानी से शेयर कर उसका प्रभावी इस्तेमाल किया जा सके.
रिसर्च और नई तकनीक पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत
प्रधानमंत्री मोदी ने रक्षा क्षेत्र में रिसर्च और नई तकनीक पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत बताई. उन्होंने कहा कि भारत के रक्षा उद्योग को और मजबूत बनाकर उसे दुनिया के दूसरे देशों के साथ प्रतिस्पर्धा करने लायक बनाया जाना चाहिए. इसके लिए नई तरह के रक्षा पाठ्यक्रम तैयार करने और इस क्षेत्र में कुशल युवाओं व विशेषज्ञों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया गया.
समुद्री क्षेत्र को और मजबूत बनाने पर पीएम मोदी का जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के समुद्री क्षेत्र को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि सिर्फ बंदरगाहों का विकास करना काफी नहीं है, बल्कि इनके आसपास उद्योग और रोजगार बढ़ाकर पोर्ट-आधारित विकास को आगे बढ़ाना जरूरी है. प्रधानमंत्री ने जहाज निर्माण को पहले ही बुनियादी ढांचे का दर्जा दिए जाने का जिक्र करते हुए यह भी जांचने को कहा कि तय लक्ष्य समय पर पूरे हो रहे हैं या नहीं.
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मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट को बढ़ावा देना होगा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश की मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए कारखानों और निर्यात से जुड़ी इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है, ताकि भारत अपनी समुद्री सुविधाओं का पूरा फायदा उठा सके. उन्होंने कहा कि बड़ी और जटिल चुनौतियों से निपटने के लिए सभी सरकारी विभागों को मिलकर काम करना होगा. साथ ही, नई सोच, बेहतर तालमेल और सामूहिक जिम्मेदारी के साथ लंबे समय की योजना बनाकर देश के भविष्य को मजबूत करना होगा.
