दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब महर्षि दयानंद का जन्म हुआ था तब देश सदियों की गुलामी से कमजोर पड़ कर अपनी आभा, अपना तेज, अपना आत्मविश्वास सब कुछ खोता चला जा रहा था. प्रति क्षण हमारे संस्कार, आदर्श को चूर-चूर करने का प्रयास होता था. उन्होंने कहा कि यह अवसर ऐतिहासिक है और भविष्य के इतिहास को निर्मित करने का है. यह पूरे विश्व के मानवता के भविष्य के लिए प्रेरणा का फल है. स्वामी दयानंद जी और उनका आदर्श था हम पूरे विश्व को श्रेष्ठ बनाए.
दयानंद सरस्वती के जयंती समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास जीवन का मंत्र बन गया है. देश को अब आधुनिकता लाने और अपनी विरासत को भी मजबूत करने का विश्वास है. उन्होंने कहा कि आज देश की बेटियां भी राफेल लड़ाकू विमान उड़ा रही हैं. गरीबों और वंचितों का उत्थान सर्वोच्च प्राथमिकता बन गया है.
