केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का डीपफेक वीडियो वायरल, दर्ज कराई FIR; भूलवश डीपफेक वीडियो के प्रकाशन पर खेद

जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने संसद के बाहर मीडिया के सामने एक बयान दिया जिसमें उन्होंने कहा कि पेपर लीक करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगाी. फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाकर इन्हें कड़ी सजा दी जाएगी, ताकि भविष्य में युवाओं का भविष्य सुरक्षित रहे. पीयूष गोयल के इस बयान का एक डीपफेक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया गया है, जिसपर मंत्री ने सख्त रुख अपनाया है.

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का एक डीपफेक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है, जिसके खिलाफ मंत्री पीयूष गोयल ने एफआईआर दर्ज कराया है. इस संबंध में पीयूष गोयल ने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट लिखा है जिसमें उन्होंने यह बताया है कि संसद के बाहर मीडिया से उनकी बातचीत का एक डीपफेक वीडियो बनाकर वायरल किया जा रहा है. पीयूष गोयल ने अपने पोस्ट में लिखा है कि यह मिस इंफार्मेशन फैलाने की कोशिश है और इसके लिए AI का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है.

इसी डीपफेक वीडियो का प्रभात खबर के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भूलवश प्रकाशन हुआ. यह वीडियो पूरी तरह से गलत था. हम इसपर खेद व्यक्त करते हैं. नीचे प्रभात खबर के इंस्टाग्राम पोस्ट पर देखें कि मंत्री ने असल में क्या बयान दिया था.

देखें, केंद्रीय मंत्री पीयूल गोयल का बयान


पीयूष गोयल ने कहा सख्त कानूनी कार्रवाई होगी

सोशल मीडिया में डीपफेक वीडियो वायरल होने के बाद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार सुबह प्रातः 4:35 बजे,दिल्ली के चाणक्यपुरी पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कराई है. मंत्री ने जानकारी दी है कि इस फर्जी वीडियो को बनाने, प्रसारित करने या जानबूझकर बढ़ावा देने वाले प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि जनता को गुमराह करने के लिए एआई का इस प्रकार का गैर-जिम्मेदाराना और दुर्भावनापूर्ण दुरुपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा.


आधिकारिक बयानों पर ही भरोसा करने की अपील

मंत्री पीयूष गोयल ने सबसे यह आग्रह किया है कि किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सोर्स पर ही भरोसा करें. बिना पुष्ट जानकारी के किसी वीडियो को शेयर करके भ्रामक खबरों को ना फैलाएं. इससे समाज में दुर्भावना फैलती है. उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि भारत के जागरूक और तकनीकी समझ रखने वाले नागरिक, विशेषकर हमारे युवा, ऐसे डीपफेक वीडियो से बचेंगे.

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लेखक के बारे में

By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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