Parliament Security Breach: जानें कौन हैं सांसद प्रताप सिम्हा? जिनके विजिटर पास से संसद में घुसे थे आरोपी

संसद की सुरक्षा में चूक को गंभीरता के साथ लेते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सांसदों के पीए के पास रद्द करने का आदेश दिया. इसके अलावा उन्होंने दर्शक दीर्घा और एंट्री पास बनाने पर रोक का भी आदेश दे दिया है.

संसद की सुरक्षा चूक मामले में अबतक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. संसद के अंदर से दो को और संसद के बाहर से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया. दर्शक दीर्घा से संसद के अंदर कूदने वाले एक आरोपी की पहचान मनोरंजन के रूप में हुई, जबकि दूसरे की पहचान सागर शर्मा के रूप में हुई है. सागर शर्मा की पहचान उसके विजिटर पास के जरिए हुई. जबकि संसद भवन के बाहर से हिरासत में लिए गए दो लोगों की पहचान नीलम (42) और अमोल शिंदे (25) के रूप में हुई है. नीलम हरियाणा के हिसार की निवासी है वहीं शिंदे महाराष्ट्र के लातूर का रहने वाला है.

सांसद प्रताप सिम्हा के पास से संसद में घुसा था आरोपी सागर

बताया जा रहा है कि जिस विजिटर पास के जरिए सागर शर्मा संसद में प्रवेश किया था, उसे बीजेपी के सांसद प्रताप सिम्हा ने जारी किया था. सांसद दानिश अली ने बताया, संसद भवन के अंदर जब आरोपी को पकड़ा गया, तो उसके पास से विजिटर पास निकाला. उसके देखने से पता चला कि उसका नाम सागर है और वह मैसूर के सांसद प्रताप सिम्हा के अतिथि के तौर पर आया था.

Also Read: Parliament Security: सुरक्षा में सेंध के पीछे साजिश, 5 शहरों से आए थे आरोपी, गुरुग्राम में की गई थी प्लानिंग

कौन हैं सांसद प्रताप सिम्हा

संसद की सुरक्षा में बड़ी चूक के मामले पर कई सांसदों ने आश्चर्य जताया है. उनका मानना है कि सदन में प्रवेश के लिए पांच लेवल की सुरक्षा से गुजरना पड़ता है. जबकि विजिटर गैलरी में प्रवेश के लिए एक सांसद के पास की जरूरत होती है. बताया जा रहा है संसद में प्रवेश करने वाले सभी चार आरोपियों को सांसद प्रताप सिम्हा के कार्यालय से ही विजिटर पास जारी किया गया था. दरअसल प्रताप सिन्हा मैसूर से बीजेपी की टिकट से 2014 और 2019 में चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे हैं. प्रताप सिम्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीवनी भी लिखी है.

Also Read: Lok SabhaSecurity Breach: ‘मनोरंजन, सागर, नीलम और अमोल…’, कौन हैं संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले आरोपी

सांसदों के PA के पास होंगे रद्द, दर्शक दीर्घा और एंट्री पास बनाने पर भी रोक

संसद की सुरक्षा में चूक को गंभीरता के साथ लेते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सांसदों के पीए के पास रद्द करने का आदेश दिया. इसके अलावा उन्होंने दर्शक दीर्घा और एंट्री पास बनाने पर रोक का भी आदेश दे दिया है. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, आज जो घटना हुई वह हम सभी के लिए चिंता का विषय है और गंभीर भी है. इसकी उच्च स्तरीय जांच की जा रही है और उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी. एक व्यापक समीक्षा की जाएगी.

क्या हुआ था?

दरअसल बुधवार को दोपहर लोकसभा की कार्यवाही चल रही थी. शुन्यकाल के दौरान दो लोग दर्शक दीर्घा से संसद के अंदर कूद गए. फिर आरोपी सागर शर्मा डेस्क के ऊपर कूदते हुए स्पीकर की कुर्सी की ओर बढ़ने लगता है. जबकि दूसरा आरोपी अपने जुते से स्मोक क्रैकर निकालकर संसद भवन के अंदर धूंआ फैलाना शुरू कर दिया. इसी बीच वहां मौजूद सांसदों ने आरोपियों को पकड़ लिया.

नई संसद की सुरक्षा में सेंध के पीछे साजिश, गुरुग्राम में हुई थी प्लानिंग

बताया जा रहा है कि 6 आरोपियों ने संसद अटैक की बरसी के दिन हंगामा करने की पूरी प्लानिंग की थी. सुरक्षा में चूक के तार उत्तर प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक और महाराष्ट्र से जुड़े बताए जा रहे हैं. आरोपी गुरुग्राम में ललित झा नाम के शख्स के पास रुके थे और पूरी तैयारी की थी.

साजिश में शामिल दो लोग अब भी फरार

साजिश रचने वाले 6 आरोपियों में दो अब भी फरार हैं. पुलिस दोनों की तलाश के लिए लगातार छापेमारी कर रही है. पुलिस ने पांच लोगों की पहचान कर ली है. दो लोगों को सदन के अंदर से और दो को संसद के बाहर से गिरफ्तार किया गया है.

15 दिन पहले सुरक्षा एजेंसियों को मिली थी इनपुट

खबर ये भी आ रही है कि संसद के बाहर हंगामे का इनपुट सुरक्षा एजेंसियों को 15 दिन पहले ही मिल चुकी थी. इनपुट में बताया गया था कि 13 दिसंबर को संसद के आस-पास हंगामा हो सकता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >