Parliament Live: राम मंदिर चढ़ावा और छात्र पर पुलिस कार्रवाई पर संसद में हंगामा, लोकसभा-राज्यसभा स्थगित

संसद का लाइव अपडेट (File Photo)
Parliament Live: संसद का मानसून सत्र अब अपने आखिरी पड़ाव पर है और केवल चार कामकाजी दिन बचे हैं. NEET विवाद और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष के हंगामे और विरोध के चलते सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है. इस कारण महिला आरक्षण, परिसीमन और FCRA से जुड़े अहम विधेयकों पर भी सहमति नहीं बन सकी है. संसद की हर खबर के लिए बने रहे Prabhat Khabar डॉट कॉम के साथ.
विपक्ष के हंगामे के बाद राज्यसभा स्थगित
अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे को लेकर सोमवार को राज्यसभा में भी जोरदार हंगामा हुआ. विपक्षी सांसदों के विरोध और नारेबाजी के चलते सदन की कार्यवाही शुरू होने के करीब 20 मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
संसद परिसर में विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन
संसद परिसर में सोमवार को कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने जोरदार प्रदर्शन किया. विपक्ष ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया. प्रदर्शन में प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव समेत कई नेता शामिल हुए. सांसदों ने चढ़ावा मामले पर चर्चा और छात्रों पर कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग की. इन मुद्दों को लेकर संसद में लगातार गतिरोध बना हुआ है.
लोकसभा 12 बजे तक के लिए स्थगित
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे को लेकर सोमवार को लोकसभा में विपक्षी दलों के सदस्यों ने जमकर हंगामा किया. विपक्षी सांसदों के विरोध और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही शुरू होने के महज एक मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई. विरोध के चलते सदन में प्रश्नकाल की कार्यवाही भी प्रभावित हुई.
अमित शाह के बयान तक जारी रहेगा गतिरोध: प्रियंका गांधी
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद में जारी गतिरोध को लेकर केंद्र पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जब तक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर बयान नहीं देते, तब तक विपक्ष अपना विरोध जारी रखेगा और संसद में गतिरोध खत्म होने की संभावना कम है.
राहुल गांधी ने फिर मांगा अमित शाह से इस्तीफा
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ हिंसा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है. उन्होंने एक बार फिर शाह के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि जिस सरकार को अपनी केंद्रीकृत नियंत्रण व्यवस्था पर गर्व है, उसमें जवाबदेही भी शीर्ष स्तर पर तय होनी चाहिए. राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार उपलब्धियों का श्रेय शीर्ष नेतृत्व को देती है, इसलिए गलत फैसलों की जवाबदेही से भी बचा नहीं जा सकता.
सरकार बहुत खतरनाक बिल ला रही है- एनके प्रेमचंद्रन
RSP सांसद एनके प्रेमचंद्रन ने कहा कि सरकार बहुत खतरनाक बिल ला रही है, जिससे राज्यों के अधिकार छिन रहे हैं. उदाहरण के लिए, माइंस एंड मिनरल्स डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन बिल, अमेंडमेंट बिल. और इसी तरह, कई दूसरे बिल भी लाए जा रहे हैं और पास कराए जा रहे हैं, जबकि सदन ठीक से काम नहीं कर रहा है. यह स्वस्थ लोकतंत्र का अच्छा तरीका नहीं है. सरकार हंगामे का फायदा उठाकर बिल ला रही है और पास करा रही है.
सरकार सदन चलाना ही नहीं चाहती- अवधेश प्रसाद
समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने संसद के मौजूदा सत्र को लेकर सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार कोशिश कर रहा है कि सदन सुचारू रूप से चले, लेकिन अफसोस की बात है कि सत्र का एक भी दिन ठीक से नहीं चल पाया. अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि सरकार के पास न तो मौजूदा मुद्दों से निपटने के लिए कोई ठोस और प्रभावी योजना है और न ही उन्हें सुलझाने की वास्तविक इच्छा. उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार खुद सदन नहीं चलाना चाहती.
अहम विधेयकों पर अब असमंजस
संसद का मानसून सत्र अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और अब केवल चार कार्य दिवस बाकी हैं. इसके बावजूद महिला आरक्षण, परिसीमन और FCRA से जुड़े अहम प्रस्तावित विधेयकों पर स्थिति स्पष्ट नहीं है. सरकार और विपक्ष के बीच इन मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी है. सोमवार की लोकसभा कार्यसूची में भी इन विधेयकों का नाम नहीं है, जिससे इनके इसी सत्र में पेश होने को लेकर संशय बढ़ गया है.
Parliament Live: राम मंदिर चढ़ावा और छात्र पर पुलिस कार्रवाई पर संसद में हंगामा, लोकसभा-राज्यसभा स्थगित
संसद के मानसून सत्र के अब केवल चार कार्य दिवस बचे हैं, लेकिन कई बड़े विधेयकों को लेकर अब भी तस्वीर साफ नहीं है. महिला आरक्षण, परिसीमन और विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम यानी FCRA से जुड़े प्रस्तावित विधेयकों पर सरकार और विपक्ष के बीच सहमति नहीं बन पाई है. खास बात यह है कि इनमें से कोई भी विधेयक सोमवार को लोकसभा की कार्यसूची में शामिल नहीं किया गया है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार सत्र के बचे हुए दिनों में इन विधेयकों को संसद में पेश करेगी.