Parliament : भारतीय प्रवासियों की वापसी का मुद्दा उठा राज्यसभा में

Parliament : संसद की कार्यवाही छठे दिन जारी है. अमेरिका द्वारा अवैध भारतीय प्रवासियों को वापस भेजे जाने पर विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के बयान के बाद भी मामला विपक्ष ने उठाया.

Parliament : संसद की कार्यवाही जारी है. राज्यसभा में अमेरिका से भारतीयों के निर्वासन के मुद्दे पर चर्चा की अनुमति देने से इंकार कर दिया गया है. सांसद जॉन ब्रिटास ने नियम 267 के तहत इस मामले पर चर्चा की मांग की थी. कार्यवाहक सभापति घनश्याम तिवारी ने कहा कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर पहले ही इस विषय पर बयान दे चुके हैं.

भारतीयों को भेड़-बकरियों की तरह लाया गया : मणिकम टैगोर

लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस पर कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा, ”अमेरिका द्वारा भारतीयों के साथ जिस तरह का अमानवीय व्यवहार किया गया है. उन्हें भेड़-बकरियों की तरह यहां लाया गया है, वह अस्वीकार्य है. हम चाहते थे कि विदेश मंत्री बयान दें. उन्होंने आकर अमेरिकी गतिविधियों का समर्थन करते हुए बयान दिया. यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और हमें अस्वीकार्य है. भारतीयों की जान मायने रखती है. प्रधानमंत्री को संसद में आना चाहिए. अमेरिकियों को एक सख्त संदेश देना चाहिए कि भारतीयों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया जा सकता है.”

किसी भी मंत्री से इतना बुरा बयान नहीं सुना: राम गोपाल यादव

समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने कहा, ”मैंने अपने संसदीय इतिहास में किसी भी मंत्री से इतना बुरा बयान नहीं सुना. यह कहना कि अमेरिका से वापस भेजा जाना कोई नई बात नहीं है. हमारे जो लोग वापस भेजे गए हैं, उनके साथ यहां अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है. वे अभी भी एक तरह से हिरासत में हैं. उनसे पूछताछ की जा रही है.” अमेरिका द्वारा अवैध भारतीय प्रवासियों को वापस भेजे जाने पर विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के राज्यसभा में दिए गए बयान यादव ने संसद परिसर में प्रतिक्रिया दी.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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