अब भारतीय दवा 'Paracetamol' की पूरी दुनिया में जरूरत, जानें कितने काम की है ये दवा

Paracetamol tablet used as coronavirus medicine worldwide भारत द्वारा निर्मित पेरासिटामोल (Paracetamol) अब जल्द ब्रिटिश बाजारों में भी बिकने वाली है. नयी दिल्ली से इन दवाओं को विभिन्न देशों में भेजा जा रहा है. विशेषज्ञों की मानें तो COVID-19 से निपटने के लिए इन दवाओं की जरूरत अन्य देशों को पड़ रही है.

Paracetamol tablet used as coronavirus medicine worldwide भारत द्वारा निर्मित पेरासिटामोल (Paracetamol) अब जल्द ब्रिटिश बाजारों में भी बिकने वाली है. नयी दिल्ली से इन दवाओं को विभिन्न देशों में भेजा जा रहा है. विशेषज्ञों की मानें तो COVID-19 से निपटने के लिए इन दवाओं की जरूरत अन्य देशों को पड़ रही है.

क्या है पेरासिटामोल (Paracetamol)

पेरासिटामोल एक ऐसी दवा है जो दर्द से राहत देता है. यह शरीर के तापमान को बढ़ने से रोकता है. भारत में दशकों से डॉक्टर इसी दवा से मरीजों के तेज बुखार को कम करते आए है. इसे 24 घंटे में चार बार से अधिक नहीं खाना चाहिए.

पैरासिटामोल (Paracetamol) कोरोना के शुरूआती लक्षणों को कैसे करता है दूर

मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक शोध के अनुसार कोरोना वायरस के संक्रमण के बाद होने वाले बुखार, दर्द और सूजन में ली जाने वाली दवा आई-ब्रूफेन (Ibuprofen) का इस्तेमाल करने की जगह पैरासिटामोल (Paracetamol) का इस्तेमाल करने को ज्यादा सही माना गया है.

दरअसल, कोरोना के शुरुआती लक्षण हैं- तेज बुखार और बदन दर्द जिसे दूर करने के लिए भारत में कई दशकों से पैरासिटामोल (Paracetamol) खाने की परंपरा है. डॉक्टर पहले भी और आज भी मरीजों को भारत में इसी दवा से तेज बुखार को कंट्रोल करते हैं.

भारतीय दवाओं की विदेशों में मांग

इससे पहले अमेरिका को भी हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन (Hydroxychloroquine) दवा की दरकार पड़ी थी. इस दवा को कई केस में कोरोना संक्रमित मरीज को स्वस्थ्य कर पाने में सफल पाया गया है. फिलहाल, भारत से इसे 55 से अधिक देशों में भेजा जा रहा है.

अंग्रेजी वेबसाइट DNA India में छपी खबर के मुताबिक, ब्रिटिश उच्चायोग के प्रवक्ता ने कहा कि हम भारत सरकार को ब्रिटेन में पेरासिटामोल के 2.8 मिलियन पैकेट के निर्यात की मंजूरी के लिए दिल से धन्यवाद करते हैं. यह दवाएं यहां प्रमुख सुपरमार्केट और खुदरा विक्रेताओं को वितरित की जाएगी.”

उन्होंने आगे कहा, “कोरोनावायरस सबसे बड़ा खतरा है जिसका हमें मिल कर सामना करना है. इसलिए यह जरूरी है कि हम वैश्विक व्यापार को जारी रखें और एक दूसरे की मदद करें.

आपको बता दें कि इसके अलावा भारत ने भारत में फंसे कई ब्रिटिश नागरिकों की वापसी की सुविधा भी दी है. ब्रिटेन सरकार द्वारा भेजे गए चार्टर प्लेनों द्वारा पर अब तक 3,700 से अधिक ब्रिटिश नागरिक वापस ब्रिटेन जा चुके हैं. इसी शुक्रवार को तीसरे ट्रीप में 9,000 से वापस ब्रिटेन भेजा गया है.

ब्रिटिश प्रवक्ता ने कहा कि कोरोना वायरस के प्रसार के रोकथाम हेतु हमने भी भारत की तरह लोगों से घर पर रहने की अपील की है. और देश में आंदोलनरत कार्य कर रहे हैं.

ब्रिटेन में COVID-19 के कुल मामले

आपको बता दें ब्रिटेन में COVID-19 के कारण अबतक 15,000 से अधिक लोगों की मौत हो गई है और एक लाख से अधिक लोग संक्रमित हैं. ऐसे में भारत की स्थिती अन्य देशों के मुकाबले काफी अच्छी बतायी जा रही है.

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Author: sumitkumar1248654

Published by: Prabhat Khabar

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