आतंकवाद के मसले पर एक बार फिर से पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेनकाब हुआ है. इंटरपोल महासभा में पाकिस्तान से जब मोस्ट वॉन्टेड अपराधी और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के बारे में पूछा गया तो उसकी बोलती बंद हो गयी.
195 देशों के प्रतिनिधियों के सामने बेनकाब हुआ पाकिस्तान
नयी दिल्ली स्थित प्रगति मैदान में 25 साल बाद 90वीं इंटरपोल महासभा हो रही है. जिसमें 195 देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं. सम्मेलन में भाग ले रहे पाकिस्तान के संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के महानिदेशक मोहसिन बट से जब यह पूछा गया कि क्या वे अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद को भारत को सौंप देंगे. इसपर पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने जवाब देने से इनकार कर दिया. जब बार-बार इस बारे में उनसे सवाल पूछा गया, तो उन्होंने शांत रहने का इशारा किया और जवाब देने से बचते नजर आये.
मोदी ने आतंकवाद, भ्रष्टाचार, मादक पदार्थों की तस्करी को वैश्विक खतरा बताया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आतंकवाद, भ्रष्टाचार, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध शिकार और संगठित अपराध को मानवता के लिए वैश्विक खतरा बताया और कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए विश्व के एकजुट होने का समय आ गया है. राजधानी दिल्ली स्थित प्रगति मैदान में आयोजित 90वीं इंटरपोल महासभा को संबोधित करते हुए मोदी ने यह भी कहा कि आतंकवाद सिर्फ भौतिक रूप से ही नहीं मौजूद है, बल्कि वह अब साइबर खतरों और ऑनलाइन कट्टरता के माध्यम से अपना दायरा बढ़ा रहा है.
इंटरपोल की महासभा में हिस्सा ले रहे 195 देशों के प्रतिनिधि, 21 तक चलेगी बैठक
इंटरपोल महासभा में 195 देशों के प्रतिनिधि शिरकत कर रहे हैं. इन प्रतिनिधियों में सदस्य देशों के मंत्री, पुलिस प्रमुख, केंद्रीय ब्यूरो के प्रमुख और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हैं. महासभा की बैठक यहां 18 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक चलेगी.
महासभा, इंटरपोल का सर्वोच्च शासी निकाय
महासभा, इंटरपोल का सर्वोच्च शासी निकाय है और साल में इसकी एक बार बैठक होती है. इस बैठक में इंटरपोल के कामकाज की समीक्षा की जाती है और महत्वपूर्ण फैसले भी लिए जाते हैं. बैठक में वित्तीय अपराधों और भ्रष्टाचार के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी. भारत में इंटरपोल महासभा की बैठक 25 वर्षों के अंतराल के बाद हो रही है. पिछली बार भारत में यह महासभा 1997 में हुई थी. भारत की स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ के अवसर पर इस बार की महासभा का आयोजन नयी दिल्ली में करने का विशेष मौका दिया गया है. महासभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, इंटरपोल के अध्यक्ष अहमद नासर अल रईसी और उसके महासचिव महासचिव जुर्गन स्टॉक भी मौजूद थे.
