Pahalgam:अमरनाथ यात्रा से पहले अनंतनाग पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. पुलिस घरों की तलाशी ले रही है. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था तहत के पुलिस घोड़ों के मालिकों के ID कार्ड और QR कोड की जांच कर रही है.
आतंकी घुसपैठ को नाकाम करने कोशिश
अमरनाथ यात्रियों की बस पर 2017 में हुए आतंकी हमले के बाद इस बार प्रशासन कोई चूक करना नहीं चाहता है. इसलिए अमरनाथ यात्रा की शुरूआत होने से पहले अनंतनाग पुलिस ने सुरक्षा का ऐसा जाल बुना है कि आतंकी घुसपैठ की हर कोशिश नाकाम हो जाए. इसी के चलते पहलगाम में घर-घर तलाशी अभियान चल रहा है और यात्रा से जुड़े हर व्यक्ति की पहचान पुख्ता की जा रही है.
बिना ID कार्ड के कोई नहीं चढ़ेगा पहाड़
पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को सख्त बनाने के लिए घोड़ा संचालकों, ड्राइवरों और फोटोग्राफरों के लिए अलग-अलग QR कोड वाले ID कार्ड जारी किए गए हैं. बिना QR कोड के अब कोई भी यात्रियों के साथ पहाड़ पर नहीं जा सकेगा. पुलिस हर ID को स्कैन कर वेरिफाई कर रही है.
ड्राइवरों, घोड़ा संचालकों ने कहा इस पहल से यात्रियों का बढ़ेगा आत्मविश्वास
घोड़ा संचालकों और कार के ड्राइवरों ने पुलिस की पहल की सराहना की. उन्होंने कहा कि जब से QR कोड मिला है, हम पूरी तरह से सुरक्षित महसूस कर रहे हैं. इससे पर्यटकों को भी भरोसा होता है कि हम सुरक्षित हैं. अब कोई फर्जी घोड़े वाला यात्री को ठग नहीं सकता.
पुरानी घटना से लिया सबक
अमरनाथ यात्रियों की बस पर 10 जुलाई 2017 को अनंतनाग में आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग की थी. इस हमले में 8 यात्री मारे गए थे और 19 घायल हुए थे. जांच में सामने आया था कि आतंकियों को स्थानीय लोगों से मदद मिली थी और कई संदिग्ध लोग यात्रियों के बीच घुस आए थे. उसी घटना के बाद से सुरक्षा एजेंसियां यात्रा मार्ग पर काम करने वाले हर शख्स का वेरिफिकेशन कर रही हैं. इस बार QR कोड सिस्टम से पुलिस के पास हर घोड़े वाले, पिट्ठू और ड्राइवर का पूरा डेटा होगा. अगर कोई गड़बड़ी हुई तो उसे तुरंत पकड़ा जाएगा.
3 जुलाई 2026 से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा
इस साल अमरनाथ की यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू हो रही है. इसका समापन रक्षा बंधन (28 अगस्त 2026) के दिन होगा, यह यात्रा 57 दिनों तक चलेगी. अमरनाथ यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 15 अप्रैल 2026 से ही शुरू कर दी गई है.
